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दुनिया की खबरें: ट्रंप बोले'अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद' और जेलेंस्की का रूस पर बड़ा प्रहार

जेलेंस्‍की ने बताया क‍ि रूस इसी कमाई को युद्ध में इस्‍तेमाल कर यूक्रेन पर आक्रामक हमला करता है। उन्होंने रूस से शांति का रास्ता चुनने की अपील की।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा क‍िया कि यूक्रेन की सेना ने गुरुवार को रूस की तेल से होने वाली कमाई को सीम‍ित करने वाली कार्रवाई को अंजाम द‍िया। सेना ने रूस के दूरगामी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें दो रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया।

जेलेंस्‍की ने बताया क‍ि रूस इसी कमाई को युद्ध में इस्‍तेमाल कर यूक्रेन पर आक्रामक हमला करता है। उन्होंने रूस से शांति का रास्ता चुनने की अपील की।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''हमारे दूरगामी प्रतिबंधों ने एक बार फिर रूस की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने में असर दिखाया। रूस इसी पैसे का इस्तेमाल युद्ध चलाने और यूक्रेनियों की जान लेने के लिए करता है।''

उन्‍होंने कहा क‍ि यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने मोर्चे से 1,300 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर स्थित दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया। बश्कोर्तोस्तान में स्थित बश्नेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। वहीं, हमारी सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी पर भी हमला हुआ।

जेलेंस्की ने बताया क‍ि काला सागर में रूस की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में भी हमें सफलता मिली। खास तौर पर, दो सैन्य गश्ती नौकाओं और तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के जहाजों को निशाना बनाया गया।

युक्रेनी राष्‍ट्रपत‍ि ने कहा, ''मैं रक्षा बलों के उन सभी योद्धाओं का धन्यवाद करता हूं जो लगातार हमारी लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता को मजबूत कर रहे हैं। इससे कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।'' रूस को शांति का रास्ता चुनना होगा।

दूसरी ओर रूस भी इन हमलों को बराबरी से जवाब दे रहा है। रूस बैलिस्टिक मिसाइलों ओर ड्रोन से यूक्रेन पर लगातार हमलावर बना हुआ है। रूस के इन हमलों से बचाव के ल‍िए जेलेंस्‍की लगातार सहयोगी देशों से मदद मांग रहे हैं। इस संबंध में जेलेंस्‍की ने बुधवार को अलेक्जेंडर स्टब से चर्चा की।

जेलेंस्‍की ने 'एक्‍स' पोस्‍ट पर ल‍िखा, ''हमने एलेक्स स्टब के साथ इस बात पर चर्चा की कि फिनलैंड रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव में हमारी कैसे मदद कर सकता है। हमें अच्छी तरह पता है कि दुनिया में एयर डिफेंस सिस्टम के लिए कितनी मिसाइलें उपलब्ध हैं। यूक्रेन को इनकी हर दिन जरूरत पड़ती है, क्योंकि हमें रोज रूस के मिसाइल हमलों से अपनी रक्षा करनी होती है। अगर हमारे सहयोगी देश अभी मदद करें तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। एलेक्स, आपकी तुरंत प्रतिक्रिया और हमारी मदद करने की इच्छा के लिए धन्यवाद।''

उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर दागा शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल: दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया की सेना ने गुरुवार को दावा किया कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर में शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल दागी है।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने कहा कि मिसाइल को नॉर्थ में पूर्वी तटीय वॉनसन इलाके से शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समयानुसार) लॉन्च किया गया था। मिसाइलों की संख्या को लेकर फौरी तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जेसीएस ने कहा, "हमारी सेना भविष्य की किसी भी संदिग्ध लॉन्चिंग को लेकर पूरी तरह सतर्क है। हम अमेरिका और जापान के साथ हर जरूरी जानकारी साझा कर रहे हैं। "

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 25 जून को 1950-53 के कोरियन वॉर के शुरू होने की 76वीं बरसी पर दक्षिण कोरियाई सीमा के पास सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों और उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के प्रमुख हथियारों के परीक्षणों का निरीक्षण किया था।

गुरुवार का लॉन्च, साउथ कोरिया की अमेरिका के साथ सालाना संयुक्त सैन्य अभियान, 'उल्ची फ्रीडम शील्ड' से पहले हुआ। ये एक्सरसाइज इस महीने के आखिर में होने की संभावना है।

प्रेसिडेंशियल नेशनल सिक्योरिटी ऑफिस (राष्ट्रपति के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय) ने तुरंत रक्षा मंत्रालय और जेसीएस के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें उन्हें सतर्कता बनाए रखने और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा पर लॉन्च के असर का अंदाजा लगाने का निर्देश दिया गया।

कार्यालय ने प्योंगयांग के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च को उकसावे की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, "उनका ये रवैया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।"

लगभग हर महीने उत्तर कोरिया इस तरह के परीक्षण करता है। मई में, दक्षिण कोरियाई मिलिट्री ने बताया था कि नॉर्थ कोरिया ने येलो सी की ओर कई कम दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल (सीआरबीएम) और आर्टिलरी रॉकेट दागे थे।

अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद, हम मजबूत: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्याप्त हथियारों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कहा है कि अमेरिका के पास बड़ी मात्रा में हथियार मौजूद हैं। ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

सोशल मीडिया पोस्ट में ये भी दावा किया कि जरूरत के मुताबिक बड़ी मात्रा में हथियार तैयार किए जा रहे हैं और उनकी सप्लाई भी लगातार की जा रही है।

ट्रंप ने लिखा, "अमेरिका के पास कुछ खास तरह के गोला-बारूद बहुत ज्यादा मात्रा में हैं। इसके अलावा, जरूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इसका निर्माण भी जारी है। अमेरिकी रक्षा कंपनियां हमारे देश के इतिहास में सबसे ज्यादा प्लांट और फैक्ट्रियां लगा रही हैं। इससे अमेरिका की रक्षा उत्पादन क्षमता और मजबूत होगी।"

अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त अंदाज में उन्होंने कहा कि यूएस के खिलाफ ऐसी खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। उन्हें जेल की सजा मिलेगी।

हालांकि ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस गोपनीय जानकारी या किस घटना से जुड़े लीक की बात कर रहे हैं। उन्होंने केवल इतना कहा कि ऐसे बयानों को लीक करने वाले देशद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

दरअसल, अमेरिकी मीडिया लगातार हथियारों की कमी पर रिपोर्ट कर रहा है। द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी खबर में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री, पीट हेगसेथ के बीच पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में कैबिनेट मीटिंग के दौरान हथियारों की कमी को लेकर बहस हुई थी।

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