
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी जहाज को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका इसका जवाब ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर देगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, ''अब से जब भी इस्लामी गणराज्य ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी जहाज पर हमला करेगा, चाहे वह मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी भी अन्य हथियार या साधन से किया गया हो, तो अमेरिका एक पुल या बिजली संयंत्र को बम से नष्ट कर देगा। इसमें वे पुल या बिजली संयंत्र भी शामिल होंगे, जो राजधानी तेहरान के पास या उसके अंदर स्थित हैं।''
ट्रंप की चेतावनी में कई तरह के संभावित हमलों को शामिल किया गया है, जैसे मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या 'किसी भी अन्य उपकरण या हथियार' से किए गए हमले। राष्ट्रपति ने जवाबी कार्रवाई के तरीके के बारे में भी बताया और कहा कि हर ऐसे हमले के जवाब में अमेरिका “एक पुल या बिजली संयंत्र” को निशाना बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ये ठिकाने तेहरान के अंदर या उसके आसपास स्थित हो सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से दुनिया भर में भेजे जाने वाले कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।
भारत के लिए, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आयात करता है, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा रणनीतिक और आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर माल ढुलाई का खर्च, ऊर्जा की कीमतें और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।
म्यांमार के मौसम विज्ञान और जल विज्ञान विभाग (डीएमएच) ने बुधवार को सागाइंग क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की। यह चेतावनी चिंडविन नदी के दो शहरों में पानी का स्तर खतरे के निशान तक पहुंचने या उससे ऊपर जाने के बाद जारी की गई।
डीएमएच के अनुसार, बुधवार को पॉंगब्यिन में चिंडविन नदी का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया और अगले 24 घंटों में इसके करीब छह इंच और बढ़ने की संभावना है। होमलिन में नदी का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है और अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक यह इसी स्तर से ऊपर रहेगा।
डीएमएच ने सागाइंग क्षेत्र के होमलिन और पॉंगब्यिन टाउनशिप में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से बाढ़ से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है।
मंगलवार को जारी दस दिन के मौसम पूर्वानुमान में डीएमएच ने बताया कि म्यांमार के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी कि इस दौरान कई बड़ी नदियों, जैसे अयेयारवाडी, चिंडविन, सिताउंग और थानल्विन नदियों का जलस्तर कुछ इलाकों में सात फीट तक बढ़ सकता है।
बुधवार को डीएमएच ने आने वाले महीनों में गंभीर मौसम की घटनाओं की संभावना को लेकर भी चेतावनी दी। विभाग ने बताया कि ट्रॉपिकल पैसिफिक ओशन में एल नीनो की स्थिति बन गई है।
डीएमएच के निदेशक यू हला टुन ने सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया, "हम एल नीनो के बारे में तब से जानकारी दे रहे हैं, जब यह कमजोर स्थिति में विकसित होना शुरू हुआ था। अब यह मध्यम स्तर तक पहुंच गया है और इस साल के अंत तक इसके बहुत मजबूत होने की उम्मीद है।"
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेन ने बुधवार को रूस के कई अहम सैन्य और लॉजिस्टिक्स ठिकानों और तेल भंडार केंद्रों को पर लंबी दूरी के हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद रूस पर दबाव बनाकर उसे कूटनीति और शांति की राह पर लाना है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''यूक्रेन के लंबी दूरी तक मार करने वाले हमलों ने रूस के क्रास्नोडार और स्टावरोपोल क्षेत्रों में अहम ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। इनमें ऐसे लॉजिस्टिक्स हब शामिल थे, जहां से रूसी सेना को ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और दूसरे जरूरी सामान की सप्लाई की जाती थी। इसके अलावा एक और तेल भंडारण केंद्र पर भी हमला किया गया।''
जेलेंस्की ने कहा कि काला सागर और आजोव सागर के पानी में भी रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के एक टैंकर और चार मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि इन कामयाब कार्रवाइयों के लिए हम यूक्रेन की रक्षा सेनाओं के सभी जवानों का धन्यवाद करते हैं। हम पूरी तरह जायज तरीके से इस युद्ध को वापस रूस की धरती तक ले जा रहे हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि शांति की जरूरत है, और यूक्रेन ने रूसी पक्ष के सामने हर तरह का प्रस्ताव रखा है। अब उन्हें कूटनीति का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए। रूस और यूक्रेन की तनातनी के बीच दोनों ओर से लगातार हमलों का दौर जारी है। एक दिन पहले मंगलवार को ही रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमले किए थे। जेलेंस्की ने इन हमलों को युद्ध के नियमों के खिलाफ बताया था क्योंकि ये हमले बहुमंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाकर किए गए थे। रूस के इन हवाई हमलों में जापोरिज्जिया, खेरसोन और ओडेसा में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हो गए हैं।
पाकिस्तान में बारिश कई इलाकों पर कहर बन कर टूटी है। खासकर पंजाब प्रांत गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर शहरों में भारी बरसात ने तबाही मचा दी है। अलग-अलग हादसों में करीब 8 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।
गुजरांवाला शहर में 6 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं, गुजरात में जीटी रोड बाईपास पर बारिश के कारण फिसलने के बाद एक ट्रेलर खाई में गिर गया।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, राहत एवं बचाव अधिकारियों ने बताया कि इन घटनाओं में मौत का कारण मकान की छत और दीवार गिरने से लगी चोट, तालाब में डूबने या फिर करंट लगना रहा।
पाकपत्तन में बारिश के दौरान एक मकान की छत गिरने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गईं। वहीं, लाहौर के गुलशन-ए-रावी इलाके में एक फैक्ट्री की छत गिरने से चार मजदूर घायल हो गए।
गुजरात और गुजरांवाला शहरों में करीब 10 घंटे तक हुई भारी बारिश के बाद मुख्य सड़कें और आसपास के इलाके पानी में डूब गए। बारिश के कारण व्यावसायिक गतिविधियां और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। डॉन के मुताबिक, गुजरांवाला शहर पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा, जहां भारी बारिश के साथ-साथ एमिनाबाद और गखड़ मंडी के बीच मेट्रो बस मार्ग निर्माण के लिए जीटी रोड पर चल रहे खुदाई कार्य ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर और अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश तथा अचानक आई बाढ़ से 9 लोगों की मौत हो गई थी।
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