
दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर केस दर्ज
संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाने में 3 एफआईआर दर्ज
निषेधाज्ञा के बावजूद जुटने और प्रदर्शन करने के आरोप
राजधानी दिल्ली में जतंर-मंतर के पास 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की है। ये मामले प्रदर्शनकारियों द्वारा निषेधाज्ञा के बावजूद जुटने और प्रदर्शन करने के आरोप में दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो एफआईआर संसद मार्ग थाने में, जबकि एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है।
पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज दोनों एफआईआर में बीएनएस की धारा 223(ए), 221, 132 और 3(5) लगाई गई हैं। वहीं, कनॉट प्लेस थाने में दर्ज तीसरी एफआईआर में बीएनएस की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इन मामलों की जांच की जा रही है।
ये एफआईआर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के आसपास हुए उस प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई हैं, जिसमें छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के साथ आम आदमी पार्टी, वाम दलों और कांग्रेस से जुड़े लोगों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के प्रदर्शन करते हुए इस्तीफे की मांग की थी। पुलिस ने प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर जुटने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एफआईआर पुलिस की दैनिक डायरी में दर्ज प्रविष्टियों के आधार पर दर्ज की गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एफआईआर में फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है, हालांकि प्रदर्शन के आयोजकों और इसमें शामिल संगठनों का उल्लेख किया गया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 750 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि दिल्ली के अन्य हिस्सों से भी लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।
विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों का यह प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की ओर से कराए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर था। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए 13 करोड़ से ज्यादा नामों मे बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हैं। विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे को लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के ऊपर नियम और कानून का उल्लंघन कर बीजेपी के इशारे पर लोगों के नाम हटाने का आरोप लगाया है।
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