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विरोध के बाद केंद्र ने फैक्ट चैक नियम को टालने का लिया फैसला, पत्रकारों ने बताया था सेंसरशिप की कोशिश

यह फैसला एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद आया है, जिन्होंने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह पीआईबी को व्यापक अधिकार देगा, जिसके चलते सेंसरशिप होगी।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

नए आईटी नियमों में प्रस्तावित संशोधनों पर हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने चौतरफा विरोध के बाद प्रस्तावित फैक्ट चैक नियम को टालने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ये प्रस्तावित नियम प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) को फर्जी खबरों की निगरानी का अधिकार देते हैं, जिसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे।

केंद्र का यह फैसला एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद आया है, जिन्होंने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह पीआईबी को व्यापक अधिकार देगा, जिसके चलते सेंसरशिप होगी।

इस विवाद पर 24 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा था कि प्रस्तावित नियमों पर हितधारकों के साथ अगले महीने परामर्श किया जाएगा। हालांकि अब सरकार ने इस कदम को टालने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल ये प्रस्तावित फैक्ट चैक नियम ठंडे बस्ते में चले गए हैं।

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