
मेरठ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी भाषा की मार्यदा को भूल गए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, बीएसपी और आरएलडी गठबंधन की तुलना शराब से की है। इस बयान को विपक्षी दलों ने आड़े हाथों लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा, “आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि ‘सराब’ और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफरत के नशे को बढ़ावा देते हैं। अखिलेश ने कहा कि, सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो बीजेपी 5 साल से दिखा रही है। लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।”
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पीएम मोदी के इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “राजनीति में पार्टियों के बीच मतभेद कितने भी हों लेकिन प्रजातंत्र की एक मर्यादा होती है। जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतर तिरस्कार करते आए हैं।”
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उन्होंने आगे कहा, “मोदी जी ने आज तीन राजनैतिक दलों समाजवादी पार्टी, बीएसपी और आरएलडी की तुलना शराब से की। क्या देश के प्रधानमंत्री को ये शोभा देता है? क्या यह प्रजातंत्र की मर्यादा है? लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ रहे दलों को शराब बताने को देश स्वीकार्य नहीं करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी रोजाना स्वांग, प्रपंच और गालियों से ही बात करते हैं।
बता दें कि पीएम मोदी आज यूपी के मेरठ में एक जनसभा को संबोधित की। उन्होंने यहां पर समाजवादी पार्टी, आरएलडी और बीएसपी के गठबंधन को ‘सराब’ कहकर पुकारा और कहा कि इनसे बचने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “एसपी का स, आरएलडी का रा और बीएसपी का ब से बचें, क्यों ये सेहत के लिए हानिकारक है। हालांकि, शराब में ‘श’ आता है लेकिन पीएम ने समाजवादी पार्टी के स को जोड़ते हुए अपने संबोधन में सराब का इस्तेमाल किया।
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