
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आलोक वर्मा ने कहा है कि ये मामले बेहद संवेदनशील हैं, शायद इन्हीं मामलों की वजह ये हालात पैदा हुए हैं। वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि कई आला हस्तियों के खिलाफ जांच उस दिशा में नहीं जा रही थी, जिस दिशा में सरकार चाह रही थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राफेल सौदे से लेकर मेडिकल काउंसिल रिश्वत केस और कोयला घोटाले में एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ जांच से लेकर स्टर्लिंग बायोटेक तक, कई ऐसे मामले थे जिसमें सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर पद से हटाए गए राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच जारी थी।
Published: 25 Oct 2018, 8:30 AM IST
सूत्रों के मुताबिक जो अहम केस आलोक वर्मा के पास थे उनमें सबसे महत्वूर्ण है राफेल सौदे में अनियमितताएं बरतने और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाती अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और प्रशांत भूषण की अर्जी। सूत्रों का कहना है कि 4 अक्टूबर को सीबीआई डायरेक्टर को सौंपी गई 132 पन्नों की इस अर्जी पर वेरिफिकेशन का काम शुरु हो चुका था। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इस पर कोई फैसला होने वाला था।
Published: 25 Oct 2018, 8:30 AM IST
इसके अलावा आलोक वर्मा के पास मेडिकल काउंसिल रिश्वत कांड का मामला भी था। इस मामले में कई आला हस्तियों के फंसे होने की आशंका है। इस केस में हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज आई एम कुद्दूसी पर आरोप हैं। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की चार्जशीट तैयार हो चुकी थी और आलोक वर्मा उस पर हस्ताक्षर करने वाले थे।
एक और महत्वपूर्ण केस जो आलोक वर्मा के पास था वह था बीजेपी सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी का पत्र जिसमें वित्त और राजस्व सचिव हसमुख अधिया के खिलाफ शिकायत की गई थी।
Published: 25 Oct 2018, 8:30 AM IST
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Published: 25 Oct 2018, 8:30 AM IST