
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मनरेगा के स्थान पर लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ के लागू करने को घोषणा को सोमवार को सुर्खियां बटोरने की कवायद करार दिया और आरोप लगाया कि ग्रामीण भारतीय परिवारों के काम करने के संवैधानिक अधिकार की चोरी की जा रही है।
Published: undefined
केंद्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) के स्थान पर नया ‘विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा।इसमें कहा गया है कि नए अधिनियम में एक नया ढांचा होगा जो ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का वैधानिक वैतनिक रोजगार देने का वादा करता है।
Published: undefined
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आज की प्रेस विज्ञप्ति में कुछ ऐसा नहीं है जो पहले ज्ञात न हो। यह उस सरकार द्वारा सुर्खियां बटोरने की एक और कवायद है जो इस तरह की कवायदों में माहिर है। यह कहने के अलावा कोई विवरण सामने नहीं आया है कि उन्हें जल्द ही जारी किया जाएगा।"
Published: undefined
उन्होंने कहा कि यदि मनरेगा के स्थान पर लाए गए कानून को एक जुलाई, 2026 से लागू किया जाना है, तो सभी परिचालन विवरण अब तक उपलब्ध होने चाहिए थे।" रमेश के अनुसार, इन विवरण पर सार्वजनिक परामर्श और राज्य सरकारों के साथ चर्चा सार्थक तरीके से की जानी चाहिए, न कि महज औपचारिकता पूरी करने के लिए।
Published: undefined
उन्होंने कहा, "लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं रहना चाहिए कि जी राम जी अधिनयम द्वारा प्रदान की जाने वाली एकमात्र गारंटी अत्यधिक केंद्रीकरण और ग्रामीण श्रम की मोलभाव करने की शक्ति को कमजोर करना है। ग्रामीण भारतीय परिवारों के काम करने के संवैधानिक अधिकार और मजदूरी के अधिकार की चोरी की जा रही है।"
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined