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एनडीए को एक और झटका: चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “बीजेपी अपने नेताओं को कंट्रोल करे, वर्ना नमस्कार”

“बीजेपी अपने नेताओं को कंट्रोलकरे, वर्ना हम भी नमस्कार करके आगे बढ़ जाएंगे।” यह कहना है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू का। उन्होंने कहा कि वे मित्रधर्म निभा रहे हैं, बस।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी का अहंकार अब उसके लिए मुसीबतें खड़ी करने लगा है। शिवसेना के बाद अब तेलुगु देशम पार्टी ने भी एनडीए से अलग होने के संकेत दे दिए हैं। शनिवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू ने कहा कि अगर बीजेपी उनका साथ नहीं चाहती, तो उन्हें भी उसे नमस्कार करने यानी गठबंधन खत्म करने से कोई गुरेज नहीं होगा।

इससे पहले शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वो अगला चुनाव अकेले ही लड़ेंगे। नायडू का यह बयान बीजेपी के प्रदेश नेताओं द्वारा उनकी सरकार की कई मुद्दों पर खुलकर आलोचना करने के बाद आया है। नायडू की तेलगु देशम पार्टी, केंद्र में एनडीए की सहयोगी है और राज्य में बीजेपी और टीडीपी की साझा सरकार है।

शनिवार को नायडू ने आंध्र प्रदेश बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा उनकी सरकार के खिलाफ लगातार की जा रही बयानबाजी पर सख्त नाराजगी जाहिर की। नायडू ने साफ कर दिया कि अगर बीजेपी नहीं चाहती तो वो गठबंधन खत्म करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि, दोनों ही पार्टियों को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। क्योंकि गठबंधन धर्म निभाने की वजह से ही हम अब तक चुप रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “अगर वो हमें नहीं चाहते तो कोई बात नहीं। हम भी उन्हें नमस्कार करके अपना रास्ता खुद तलाश कर लेंगे।”

नायडू ने आंध्र प्रदेश बीजेपी नेताओं की सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने पर कहा कि, “बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को इन नेताओं को कंट्रोल करना चाहिए।”

गौरतलब है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के नेता कई मुद्दों पर टीडीपी का विरोध करते रहे हैं। कुछ बीजेपी नेताओं ने तो यहां तक संकेत दिए हैं कि वो विपक्षी पार्टी वाय एस आर कांग्रेस के साथ जाने को तैयार हैं। कुछ दिनों पहले वायएसआर कांग्रेस के मुखिया जगनमोहन रेड्डी ने कहा था कि अगर बीजेपी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देती है तो वे उसका समर्थन करने को तैयार हैं।

इससे पहले अभी 23 जनवरी को शिवसेना ने एनडीए से अलग होने का ऐलान किया था। पार्टी नेता और सांसद संजय राउत ने कहा था कि 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिवसेना एनडीए के साथ नहीं बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी। बीते कुछ महीनों से बीजेपी और शिवसेना के बीच तनाव की खबरें आ रही थीं। नोटबंदी को लेकर भी शिवसेना ने मोदी सरकार का विरोध किया था।

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