
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को लेह और पूर्वी लद्दाख में सीमावर्ती इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। जनरल नरवणे ने उच्च मनोबल और साहस के लिए सैनिकों की प्रशंसा की और उन्हें इसी जोश और उत्साह के साथ काम करते रहने के लिए कहा। उन्होंने सैन्य बल की तैयारियों के साथ ही एलएसी पर तैनाती की भी समीक्षा की।
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मंगलवार को पहुंचे सेना प्रमुख नरवणे ने सबसे पहले बेस हॉस्पिटल जाकर चीन के साथ झड़प में घायल सैनिकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सैनिकों से बातचीत की और उन्हें हर कदम पर पूरी एकजुटता का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर किये गए हमले में कुल 20 जवान शहीद हुए हैं, जबकि 76 सैनिक घायल हैं।
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जनरल नरवणे का यह दौरा पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के साथ बढ़े तनाव के मद्देनजर हुआ है, जहां हजारों भारतीय सेना के जवान पीएलए से खतरे का सामना कर रहे वास्तविक नियंत्रण रेखा से कुछ मीटर की दूरी पर तैनात किए गए हैं। उन्होंने सैन्य बल की तैयारियों के साथ ही एलएसी पर तैनाती की भी समीक्षा की।
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दरअसल दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के बीच, चीन की ओर से आक्रामकता जारी रहने पर भारत एक प्रतिक्रिया के रूप में सभी संभावित सैन्य विकल्पों के लिए तैयार रहना चाहता है। इसी के तहत भारत ने लद्दाख में अपनी तरफ के वास्तविक नियंत्रण रेखा के 826 किलोमीटर के मोर्चे पर भी तैयारी कर रखी है।
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