
असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों तक आपात स्थिति में राशन, पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने में ‘‘भारी देरी’’ हो रही है।
उन्होंने राज्य सरकार से बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या का ‘‘ईमानदारी से ब्योरा’’ देने और यह सुनिश्चित करने की भी मांग की कि राहत सामग्री सभी प्रभावित लोगों तक पहुंचे।
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम एक भीषण मानवीय संकट का सामना कर रहा है। अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है, कई लोग लापता हैं। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और लाखों लोग सम्मानजनक जीवन से वंचित हैं।’’
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जोरहाट, शिवसागर और चराइदेव जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों के दौरे के दौरान उन्होंने नुकसान की व्यापकता और स्थानीय प्रशासन से पर्याप्त सहायता नहीं मिलने की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
जोरहाट से सांसद गोगोई ने आरोप लगाया, ‘‘आपातकालीन राशन, स्वच्छ पेयजल, फिनाइल, कपड़े और ब्लीचिंग पाउडर जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाने में भारी देरी हो रही है।’’
उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह आवश्यक उपकरणों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों का एक दल भेजे, ताकि लोगों को अपने घरों का पुनर्निर्माण करने और कृषि गतिविधियां फिर से शुरू करने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार को ईमानदारी से तुरंत यह स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए कि बाढ़ में कितने लोगों की जान गई है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिना किसी और देरी के प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचे।’’
गोगोई ने राहत कार्यों में जुटे युवाओं और ‘जेन-जी’ समूहों की भी सराहना की, जो प्रतिदिन सैकड़ों परिवारों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी ऊपरी असम के गांवों और प्रभावित परिवारों की हरसंभव सहायता करने की अपील की। साल 1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों की पीढ़ी ‘जेन-जी’ कहलाती है।
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, पिछले 24 घंटों में चार बच्चों समेत 10 लोगों की बाढ़ से मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। वहीं, तीन पुरुष और तीन महिलाओं समेत 6 लोग अब भी लापता हैं। मौजूदा बाढ़ के कहर से राज्य के 11 जिलों में 6.53 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर लगातार बढ़ रहा है। नंगलामुराघाट में दिसांग नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रहा है। वहीं, खोवांग के चेनीमारी में बुर्हीडीहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ नदी, नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी और श्रीभूमि (FFS) में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।