हालात

बंगाल चुनावः काउंटिंग को लेकर ममता-अभिषेक की बड़ी तैयारी, TMC के सभी मतगणना एजेंट के साथ शनिवार को करेंगे बैठक

टीएमसी नेता ने बताया कि इस बैठक में मतगणना प्रक्रिया के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा होगी, जिसमें मतगणना के चरणों की संख्या और ईवीएम को सुरक्षित कक्षों से बाहर निकालने के बाद पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल की जानकारी शामिल हैं।

काउंटिंग को लेकर ममता-अभिषेक की बड़ी तैयारी, TMC के सभी मतगणना एजेंट के साथ शनिवार को करेंगे बैठक
काउंटिंग को लेकर ममता-अभिषेक की बड़ी तैयारी, TMC के सभी मतगणना एजेंट के साथ शनिवार को करेंगे बैठक फोटोः सोशल मीडिया

पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना को लेकर मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मतगणना से दो दिन पहले शनिवार को दोनों नेता पार्टी के सभी मतगणना एजेंट के साथ ‘वर्चुअल’ बैठक करेंगे। यह बैठक शनिवार शाम चार बजे निर्धारित है और इसमें सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा मैदान में उतारे गए 291 विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतगणना एजेंट शामिल होंगे। दार्जिलिंग पहाड़ियों की शेष तीन सीटों पर अनित थापा के नेतृत्व वाले ‘भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा’ (बीजीपीएम) ने चुनाव लड़ा था।

‘वर्चुअल’ बैठक में ममता बनर्जी मतगणना एजेंटों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मतदाता सूची के संशोधन के दौरान इस तरह की वर्चुअल बातचीत नियमित रूप से होती रही है और बनर्जी ने नवंबर से फरवरी के बीच बूथ स्तर के एजेंटों के साथ कई बैठकें की हैं।

Published: undefined

हालांकि, मार्च में चुनाव की घोषणा के बाद उन्होंने ऐसी कोई बैठक नहीं की। चुनाव परिणामों की उलटी गिनती शुरू होने के साथ ही, सत्तारूढ़ पार्टी का नेतृत्व मतगणना केंद्रों पर समन्वय को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। शनिवार को होने वाली वर्चुअल बैठक को यह सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है कि मतगणना एजेंट पूरी तरह तैयार और सतर्क रहें।

टीएमसी नेता ने बताया कि इस बैठक में मतगणना प्रक्रिया के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा होगी, जिसमें मतगणना के चरणों की संख्या और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सुरक्षित कक्षों से बाहर निकालने के बाद पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मतगणना एजेंटों को मोबाइल का उपयोग करने में सक्षम बनने के लिए कहा जाएगा, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने इस बार मतगणना के दौरान सुरक्षा उपायों के तहत क्यूआर कोड लागू किए हैं।

Published: undefined

इससे पहले गुरुवार रात को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के ‘ईवीएम स्ट्रांगरूम’ पर घंटों बिताए और धांधली की आशंका जताई, जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने दावा किया कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। टीएमसी प्रवक्ता और बेलेघाटा से उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी के निर्देश पर टीएमसी कार्यकर्ता और उम्मीदवार मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, जहां ईवीएम को स्ट्रांगरूम में रखा गया है।

कोलकाता के दो मतगणना केंद्रों पर गुरुवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टीएमसी नेताओं ने विधानसभा चुनाव के सीलबंद ईवीएम वाले स्ट्रांगरूम में पारदर्शिता की कमी और संभावित धांधली का आरोप लगाया। इसके बाद ममता बनर्जी खुद ‘सखावत मेमोरियल स्कूल’ स्थित मतगणना केंद्र पहुंचीं और करीब चार घंटे तक वहीं रहीं। आधी रात के बाद वे परिसर से निकलीं और मतगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह की छेड़छाड़ के खिलाफ चेतावनी देते हुए अधिक पारदर्शिता की मांग की।

Published: undefined

इससे पहले गुरुवार शाम को टीएमसी के नेता और उम्मीदवार शशि पांजा और कुणाल घोष ने खुदीराम अनुशीलन मतगणना केंद्र के बाहर धरना दिया। उन्होंने टीएमसी एजेंटों की अनुपस्थिति में स्ट्रांगरूम के अंदर अनधिकृत गतिविधियों का आरोप लगाया। मामला तब और बिगड़ गया जब टीएमसी और बीजेपी, दोनों खेमों के बड़ी संख्या में समर्थक केंद्र के बाहर जमा हो गए और नारे लगाने लगे। इसके बाद उन्हें सुरक्षा बलों ने तितर-बितर कर दिया।

इस घटना के बाद शुक्रवार को कोलकाता पुलिस ने शहर के सभी सात निर्धारित ‘स्ट्रांगरूम’ के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इससे पहले एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंटों से ईवीएम स्ट्रांगरूम पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का आग्रह किया था। इसमें ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी मतगणना शुरू होने से पहले मशीनों में छेड़छाड़ करने का प्रयास कर सकती है।

Published: undefined