
बिहार में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से जारी अभ्यर्थियों के असंतोष के बीच BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार की कथित टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया है। अभ्यर्थियों की शिकायतों पर सवाल पूछे जाने के दौरान उनके कथित तौर पर दिए गए ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार और आयोग पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे छात्रों और युवाओं का अपमान बताते हुए अधिकारी की बर्खास्तगी की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए BPSC को भी घेरा। उन्होंने लिखा कि BPSC का नाम BJSC यानी ‘भाजपा-जदयू सर्विस कमीशन’ कर देना चाहिए, क्योंकि उनके आरोप के मुताबिक BJP-JDU नेताओं के साथ लेन-देन की सेटिंग हो गई है और अब BPSC की हर परीक्षा में सफलता की भी सेटिंग हो गई है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, पेपर लीक और अनियमितताओं की शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों को लेकर अधिकारी की कथित टिप्पणी पर सवाल उठाते हुए इसे शर्मनाक बताया।
तेजस्वी ने कहा कि किसी भी अधिकारी को छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक अधिकारी का बयान नहीं है, बल्कि उन लाखों युवाओं की भावनाओं का अपमान है, जो रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा।
राजद नेता ने कहा कि बिहार में लगातार भर्ती परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। उनके मुताबिक कई मौकों पर पेपर लीक के आरोप लगे, परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और परिणाम जारी होने में भी लंबा समय लगा। तेजस्वी का आरोप है कि इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रोजगार और भर्ती से जुड़े मामले सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए सरकार को अभ्यर्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए।
तेजस्वी ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य की अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और अभ्यर्थियों की परेशानियों का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
विवादित टिप्पणी 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका को लेकर उठे सवालों के बीच सामने आई। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की शिकायतों पर BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार से सवाल किया गया था कि छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ टिप्पणी की।
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, तेजस्वी यादव खुद गर्दनीबाग स्थित विरोध प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे कई वर्षों से चली आ रही छात्रों की मांगों का समर्थन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को संगठन की ओर से उन्हें सौंपा गया है और वे पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े हैं। तेजस्वी ने सरकार से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और उनकी मांगें सुनकर उन्हें पूरा करने की अपील भी की।
इस दौरान तेजस्वी ने जनवितरण विक्रेताओं की मांगों का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनकी मांगों को उठाने का काम करेंगे। उन्होंने बिहार में गोदाम से जुड़े भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की और कहा कि मौजूदा सरकार की कथनी और करनी में काफी अंतर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेगा और उनकी समस्याओं को सुनेगा।