
देश भर में नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी का विरोध जारी है। जनता समते विपक्षी पार्टियां सीएए समेत एनपीआर में सुधार की मांग कर रही हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अड़ी हुई है। बिहार में जेडीयू के समर्थन से सत्ता पर काबिज बीजेपी सरकार ने राज्य में एनपीआर का काम शुरू करने का ऐलान कर दिया है। शनिवार को डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में एनपीआर का काम 15 मई से 28 मई के बीच चलेगा। पहले चरण में मकान का सूचीकरण और गणना किया जाएगा।
जहां, सुशील मोदी ने राज्य में एनपीआर का काम शुरू करे की घोषणा की, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के साथ मिलकर राज्य में सरकार चला रही जेडीयू ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्य के उद्योग मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने सुशील मोदी से पूछा कि एनपीआर शुरू करने का फैसला किस कैबिनेट में हुआ है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। श्याम रजक ने सुशील मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसी घोषणा तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को करनी चाहिए, लेकिन सुशील मोदी जी ने कैसे यह घोषणा की, मेरी समझ से बाहर है।
श्याम रजक ने यह भी कहा कि इस तरह का कोई भी फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ले सकते हैं या फिर राज्य कैबिनेट ले सकता है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के मुखिया हैं और उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। रजक ने कहा कि बाकि कौन क्या कहता है इसका क्या मतलब है? उन्होंने कहा सुशील मोदी का एनपीआर का काम शुरू होने की घोषणा उनका निजी बयान हो सकता है।
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