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बिहारः पुलिस मुठभेड़ में युवक की मौत पर बवाल, वीडियो वायरल होने के बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित

प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि युवक पर किसी प्रकार का पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और वह आत्मसमर्पण कर चुका था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मार दी।

बिहारः पुलिस मुठभेड़ में युवक की मौत पर बवाल, वीडियो वायरल होने के बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित
बिहारः पुलिस मुठभेड़ में युवक की मौत पर बवाल, वीडियो वायरल होने के बाद तीन पुलिसकर्मी निलंबित फोटोः IANS

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित मुठभेड़ में एक युवक की मौत के बाद गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि युवक पर किसी प्रकार का पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और वह आत्मसमर्पण कर चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसे गोली मारी। इस बीच इसी मामले में थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

बुधवार को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मानसिक रूप से परेशान एक युवक भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। शव के गांव में पहुंचने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। गुरुवार की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिलौटी गांव के समीप शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया।

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मृतक को इंसाफ दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर करीब एक से डेढ़ हजार की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस की कार्रवाई से काफी नाराज दिखे। सड़क जाम के कारण आरा-बक्सर मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

भरत भूषण तिवारी का पिस्तौल के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस उसे समझाते नजर आ रही थी। पुलिस के अनुसार, बुधवार को युवक ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान युवक को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए शाहपुर रेफरल अस्पताल से आरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सड़क जाम किया।

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वहीं इस मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने शाहपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अलावा मौके पर मौजूद एक सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को भी निलंबित कर दिया गया है। बताया गया कि प्रारंभिक जांच में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। यह कार्रवाई भोजपुर के एसपी राज के प्रस्ताव पर की गई।

पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी भारत भूषण तिवारी अवैध हथियार रखता है और उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाता है। इसी सूचना के आधार पर टीम बिलाउंटी गांव पहुंची थी लेकिन मौके पर स्थिति अचानक बिगड़ गई। ऑपरेशन के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर आरोपी पुलिसकर्मियों के सामने खुलेआम पिस्टल लहराते और उन्हें धमकाते हुए दिखाई दिया। इस वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और पुलिस टीम की कार्रवाई और मौके पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए।

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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। विभागीय जांच में पाया गया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी इतने संवेदनशील और जोखिमपूर्ण हालात में अपेक्षित सतर्कता, तैयारी और त्वरित कार्रवाई नहीं दिखा सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।

यह विवाद बाद में भरत भूषण तिवारी से जुड़े पुलिस एनकाउंटर की पृष्ठभूमि में और गहरा गया। पुलिस के अनुसार, बाद में मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें भरत भूषण तिवारी गोली लगने से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, एनकाउंटर इस पूरे मामले का अहम हिस्सा है, लेकिन फिलहाल जनचर्चा और विभागीय जांच का केंद्र वायरल वीडियो और उससे जुड़े पुलिस की कार्यप्रणाली, तैयारी और जवाबदेही के सवाल बने हुए हैं।

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