
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केरल में खाता नहीं खोल पाएगी और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक और तेलंगाना की तर्ज पर यूडीएफ द्वारा प्रस्तावित कल्याणकारी गारंटी इस दक्षिणी राज्य में भी सफल साबित होंगी।
वेणुगोपाल ने ‘पीटीआई’ से कहा कि यह केवल एक धारणा थी कि बीजेपी केरल में यूडीएफ के लिए खतरा है, क्योंकि हाल के स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को "नाममात्र" की सफलता मिली। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘यह महज एक धारणा है। कुछ भी ठोस नहीं है। अभी दो महीने पहले ही स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे। उन्हें कितने जिला पंचायत सदस्य मिले?’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें कितनी नगरपालिकाएं मिलीं? नाममात्र की। कुछ भी ठोस नहीं है। केरल में बीजेपी का खाता भी नहीं खुल सकता।’’
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जब उनसे पूछा गया कि क्या कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए कल्याणकारी वादे, जहां कांग्रेस विजयी रही, केरल में कारगर साबित होंगे, तो वेणुगोपाल ने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पांचों वादों की घोषणा करने से पहले गहन शोध किया था, जिनमें सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को 1,000 रुपये की मासिक सहायता शामिल है।
वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने राज्य की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण किया और ये वादे इसलिए किए क्योंकि केरल जैसे प्रगतिशील राज्य में भी महिलाएं "बेहद कष्ट झेल रही हैं"। उन्होंने कहा, ‘‘आपको समझना होगा, जब भी वे खेतों में काम करने जाती हैं- चाहे वे कृषि मजदूर हों, मनरेगा कार्यकर्ता हों, काजू मजदूर हों या मछुआरा हों- आप देख सकते हैं कि उन पर कितना बोझ होता है।’’
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उन्होंने कहा, "उनका जीवन दयनीय हो गया है। यूडीएफ का मानना है कि हमें केरल की महिलाओं का समर्थन करना चाहिए। इसीलिए केरल की महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा चाहिए। दूसरे, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए 25 लाख रुपये का बीमा है और कल्याण पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी जाएगी।’’
कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी की यह परंपरा नहीं है कि वह कहीं भी किसी मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करे। उन्होंने कहा, “यह चुनाव किसी को भी केरल का मुख्यमंत्री बनाने के बारे में नहीं है। 2016 में भी, पिनराई विजयन को केरल में एलडीएफ के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, “इन बातों की चिंता ना करें। चुनाव के बाद, कांग्रेस तुरंत एक मुख्यमंत्री का चयन करेगी और वह अन्य लोगों के साथ मिलकर राज्य का संचालन करेगा।”
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अलप्पुझा संसदीय क्षेत्र से सांसद वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी केरल में सार्वजनिक जीवन में बदलाव और सुशासन चाहती है और यही यूडीएफ राज्य की जनता से वादा कर रहा है। उन्होंने कहा, “यही सबसे महत्वपूर्ण है।” उन्होंने दावा किया कि राज्य के लोग बदलाव की तलाश में हैं क्योंकि वे पिछले 10 वर्षों से एलडीएफ शासन के अधीन कष्ट झेल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह एलडीएफ सरकार जनविरोधी सरकार बन गई है।’’
वेणुगोपाल ने कहा, “अब लोग सरकार में बदलाव चाहते हैं। आप देख सकते हैं कि हर क्षेत्र, युवा, महिलाएं, किसान और मजदूर, सभी इस सरकार के रवैये से नाखुश हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार है और पर्यटन विभाग से वर्गीकरण प्रमाण पत्र के बिना लगभग 200 बार को लाइसेंस जारी किए जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है।” वेणुगोपाल ने शबरिमला सोना गायब होने के मुद्दे का भी उल्लेख किया और कहा कि यह एक और मुद्दा है जिसने राज्य के लोगों को शासन में बदलाव की मांग करने के लिए प्रेरित किया है।
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