
उत्तर प्रदेश के नोएडा के ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में आज 'करनी एक की, भरनी सबकी', कहावत चरितार्थ हो गया। दरअसल गालीबाज श्रीकांत त्यागी मामले में शुक्रवार को एक बार फिर नोएडा अथॉरिटी सोसायटी में बुलडोजर लेकर पहुंची और 132 फ्लैट के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान श्रीकांत त्यागी के घर के बाहर दोबारा से लगाए गए 10 पाम ट्री को भी नोएडा अथॉरिटी ने उखाड़ दिया।
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इस कार्रवाई के खिलाफ सोसायटी के लोग सुबह से लेकर दोपहर तक मेन गेट पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। गेट घेरकर बैठे लोगों ने अथॉरिटी के अधिकारियों और बुलडोजर को अंदर नहीं जाने दे रहे थे और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त के आगे उनकी एक नहीं चली। अथॉरिटी ने पुलिस बल की मदद से गेट को खुलवाया और अपने बुलडोजर को अंदर ले जाकर चिन्हित किए गए सभी अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद लोग अथॉरिटी के खिलाफ धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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अथॉरिटी ने ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में 132 से ज्यादा अवैध निर्माण चिन्हित किए थे और उन्हें तोड़ने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। आज 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा हो चुका था। जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी के अफसर और भारी संख्या में पुलिस बल ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी पहुंचा था। सोसाइटी के लोग सुबह से ही उन्हें अंदर नहीं जाने दे रहे थे, लेकिन दोपहर बाद अथॉरिटी के लोगों ने अंदर जाकर अपने बुलडोजर के जरिए सभी अवैध निमार्णों को तोड़ना शुरू किया जिसके बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल मच गया।
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इस दौरान सोसाइटी के लोग दबी जबान में जो बात करते हुए नजर आए की लड़ाई कुछ लोगों की और नुकसान सबका हुआ। श्रीकांत त्यागी के बाद 132 फ्लैट ऑनर्स के अवैध निर्माण गिराए जा रहे हैं। 4 बुलडोजर और 4 डंपर कार्रवाई में लगे हैं। सोसाइटी के लोग सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। इससे पहले लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। बुलडोजर के आगे खड़े होकर हंगामा किया। दोपहर ढाई बजे तक 7 फ्लैट के शेड तोड़े गए। मंदिर के चलते एक फ्लैट छोड़ दिया गया। करीब 12 फ्लैट मालिकों ने खुद ही अवैध निर्माण को हटाना शुरू कर दिया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। इस बीच सोसायटी के लोगों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्राधिकरण के नियोजन विभाग के मुताबिक सर्वे में अधिकांश फ्लैट आवंटियों ने शेड (लकड़ी लोहा प्लास्टिक) बनाकर अवैध निर्माण किए था। इसके साथ ही लोगों ने शेड आदि लगाकर कॉमन एरिया को भी कवर किया हुआ था। इन्हीं शेड और पेड़ को हटाया जाना था।
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