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दुनिया भर में कहर बरपा रहे कोरोना पर भारत में होगी पढ़ाई, मेरठ की यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तैयार करेंगे कोर्स

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट संकाय के विभागाध्यक्षों से कोरोना वायरस पर कोर्स तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इसे लेकर पूरी दुनिया में हालात बने हैं, ऐसे समय में यह पाठ्यक्रम उपयोगी साबित हो सकता है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

कोरोना वायरस ने इन दिनों पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं। इससे बचाव के तरीके ढूंढे जा रहे हैं। ऐसे माहौल में उत्तर प्रदेश के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कोरोना वायरस पर कोर्स चलाने की तैयारी में जुटा है। कोर्स तैयार करने की जिम्मेदारी डिजास्टर मैनेजमेंट (आपदा प्रबंधन) के जंतु विज्ञान, वनस्पति, विष विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान विभाग को सौंपी गई है।

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एनके तनेजा ने बताया कि विश्वविद्यालय में डिजास्टर मैनेजमेंट (आपदा प्रबंधन) के जंतु विज्ञान, वनस्पति एवं विष विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे इस कोर्स को तैयार करें। तनेजा ने कहा कि जिस तरह से कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में स्थिति बनी है। ऐसे समय में यह पाठ्यक्रम उपयोगी साबित हो सकता है।

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कुलपति तनेजा ने कहा, “यह एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स होगा। इसमें इस वायरस को अलग से शामिल किया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय में विज्ञान के तीन विषयों में भी वायरस स्टडीज को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसे हर हाल में दो माह में शुरू करना है। यह स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम होगा। इसे सैद्धांतिक रूप से सहमति प्रदान कर दी गई है और अब इसे व्यवाहरिकता में लाना है। एकैडमिक कांउसिल के माध्यम से इसे पास कराया जाएगा।”

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कुलपति ने बताया कि यह कोर्स दो सेमेस्टर में चलाया जाएगा। पहले सेमेस्टर में बाढ़, तूफान और समुद्री तूफान पढ़ाया जाएगा। दूसरे सेमेस्टर में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान एडमिस्ट्रेशन के संयुक्त प्रयास से यह वायरस स्टडीज पढ़ाया जाएगा। तनेजा ने कहा, “छात्र इसका अध्ययन डिप्लोमा डिजास्टर मैनेंजमेंट के अर्न्तगत करेंगे। अभी फिलहाल इसकी कोई फीस निर्धारित नहीं है। कांउसिल में पास होने के बाद ही कुछ तय हो पाएगा। यह छात्रों के साथ ही जनसामान्य के लिए भी उपयोगी है।"

जानकारों की मानें तो अभी तक विश्वविद्यालय में अलग से वायरस की कोई पढ़ाई नहीं होती है। एमएससी जंतु विज्ञान जैसे विषय में फर्स्ट सेमेस्टर में वायरस का सिर्फ जिक्र है। विज्ञान के छात्र वायरस को अपने पाठ्यक्र विस्तार से पढ़ेंगे।

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 19 के पार पहुंच गई है। इनमें आगरा के आठ, गाजियाबाद के दो, नोएडा के चार, लखनऊ के पांच मरीज हैं।प्रदेश सरकार ने कोरोना को भले ही अभी महामारी घोषित नहीं किया है, लेकिन महामारी जैसी सभी स्थितियों से निपटने का अलर्ट जारी किया गया है। सभी जिला मुख्यालयों पर आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।

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