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छात्रों की गूंजः इंदौर में राहुल गांधी बोले- इस सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए, क्योंकि छात्र सवाल पूछता है

राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम में बैठे लोग देश में 'अंधभक्त' तो चाहते हैं, लेकिन अपने बच्चों को अंधभक्त नहीं बनाते, इनके बच्चे अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ते हैं, विदेश में पढ़ाई करते हैं हैं और फिर वापस आने पर किसी संस्थान, बिजनेस के ऊपर बैठा दिए जाते हैं।

छात्रों की गूंजः इंदौर में राहुल गांधी बोले- इस सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए, क्योंकि छात्र सवाल पूछता है
छात्रों की गूंजः इंदौर में राहुल गांधी बोले- इस सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए, क्योंकि छात्र सवाल पूछता है फोटोः @INCIndia

आज हिंदुस्तान के छात्र खुश नहीं

सिस्टम को अंधभक्त चाहिए, छात्र नहीं चाहिए

छात्रों से सिस्टम को खतरा, क्योंकि वे सवाल पूछते हैं

इस सरकार का सिस्टम केवल अंधभक्त चाहता है

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंदौर में ‘‘छात्रों की गूंज’’ कार्यक्रम में उमड़ी हजारों छात्रों और युवाओं की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उनके बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं, नफरत नहीं करते, विनम्र होते हैं, निडर होते हैं, सहिष्णु होते हैं और ईमानदार होते हैं। लेकिन आज हिंदुस्तान के छात्र खुश नहीं हैं। क्योंकि छात्र बहुत परेशान हैं। उनके ऊपर बहुत दबाव है। उन्हें भविष्य नहीं दिख रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि देश पर एक सिस्टम का कब्जा है, जिसके टॉप पर 6 लोग बैठे हैं। उन्होंने एक स्लाइड दिखाते हुए कहा कि इसमें शामिल नरेंद्र मोदी पूरे सिस्टम को चलाते हैं। अमित शाह देश को भड़काते हैं, स्टूडेंट्स को लाठियों और कील लगे डंडों से पिटवाते हैं। अजीत डोभाल हम सबकी जासूसी करते हैं और मोदी-शाह को इन्फॉर्मेशन देते हैं। मोहन भागवत विचारधारा की बातें करते हैं और अडानी-अंबानी इस पूरे सिस्टम को फाइनेंस करते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि इस सिस्टम को स्टूडेंट नहीं चाहिए, अंधभक्त चाहिए। स्टूडेंट्स सवाल पूछते ही हैं। यही वजह है कि इस सिस्टम को छात्रों से खतरा लगता है। ये सिस्टम स्टूडेंट से डरता है क्यूंकि स्टूडेंट्स पूछते हैं कि दो लोगों ने पूरे सिस्टम को कैसे कैप्चर कर लिया। छात्र पूछता है कि बिना क्रिकेट खेले अमित शाह के बेटे को भारतीय क्रिकेट का सर्वेसर्वा क्यों बना दिया गया। उन्होंने कहा कि सिस्टम छात्रों से नफरत करता है, अंधभक्तों से प्यार करता है।

राहुल गांधी ने कहा कि इस सरकार का सिस्टम केवल अंधभक्त चाहता है क्योंकि अंधभक्त नफरत से बात करता है और नफरत फैलाता है। स्टूडेंट ईमानदार होता है और अंधभक्त झूठा होता है। अंधभक्त कहता है कि हिंदुस्तान को आजादी नहीं मिली। वह कहता है कि हमें विकास नहीं चाहिए। वे कहते हैं कि मोदी जी विष्णु के अवतार हैं। मगर अंधभक्त कभी नहीं पूछेगा कि स्कूलों की हालत ख़राब क्यों है? इन्फ्रास्ट्रक्चर क्यों ढह रहा है? देश में पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? जबकि हमारे स्टूडेंट्स ये सवाल पूछते हैं।

राहुल गांधी ने कहा, सबसे बड़ी बात यह कि सिस्टम में बैठे लोग देश में 'अंधभक्त' तो चाहते हैं, लेकिन अपने बच्चों को अंधभक्त नहीं बनाते, इनके बच्चे अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ते हैं, विदेश में पढ़ाई करते हैं हैं और फिर वापस आने पर किसी संस्थान, बिजनेस के ऊपर बैठा दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र सिस्टम पर सवाल पूछ रहे हैं, जिसमें अडानी, अंबानी, जय शाह और अन्य लोग शामिल हैं, लेकिन अंधभक्त उनका विरोध करते हैं।

राहुल गांधी ने कार्यक्रम में शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में शिक्षकों के 10 लाख पद रिक्त हैं। एक लाख स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हैं। हालात ऐसे हैं कि 100 में से सिर्फ 14 बच्चों को हॉस्टल मिल सकता है, इन्फ्रास्ट्रक्चर ढह जाता है और स्टूडेंट खतरे में होता है। ऐसा तभी होता है- जब सरकार एजुकेशन में कम पैसा डालती है।

राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा देश के हर स्टूडेंट का हक है। किंडरगार्डेन, स्कूल और मिड-डे मील, कॉलेज-यूनिवर्सिटी और रोजगार की ये कड़ी पूरी करना सरकार का काम है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन आज शिक्षा को कमजोर किया जा रहा है। यूपीए सरकार में बजट का 4.6% शिक्षा में जाता था, जिसे अब 2.6% कर दिया गया है। पिछले 10 साल में 1.5 करोड़ स्कॉलरशिप छीन ली गई है। आज हिंदुस्तान में 10 लाख टीचरों की पोस्ट खाली पड़ी है।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मध्य प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक का मुद्दा उठाया। एक युवती ने राहुल गांधी से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की परीक्षाएं पास करने के बावजूद उनके जैसे कई अभ्यर्थी परेशान हैं, क्योंकि कानूनी विवाद के चलते 13 प्रतिशत नियुक्तियां रोक दी गई हैं। मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा विवादित 87:13 फार्मूले से संबंधित है। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पद के अभ्यर्थियों के जारी प्रदर्शन में शामिल होने की पेशकश की।

देवास के एक छात्र ने दावा किया कि जब उन लोगों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया तो प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया। रायसेन जिले के सूरज ठाकुर नै कहा कि साल 2022 में मध्य प्रदेश में सिविल जज की वैकेंसी आई थी, इसमें ट्राइबल कैंडिडेट्स के लिए 121 पद थे। लेकिन बीजेपी सरकार ने एक भी पद पर आदिवासी युवा को नौकरी नहीं दी। क्या इन्हें एक भी युवक जज बनने के लायक नहीं दिखा? दरअसल, बीजेपी सरकार नहीं चाहती कि कोई भी आदिवासी सिविल जज बने, सिस्टम में आए।

राहुल गांधी ने कार्यक्रम में दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में गिरी इमारत का भी जिक्र किया, जिसमें दबकर 7 छात्रों की मौत हो गई थी। इस हादसे में मरने वालों में मध्य प्रदेश का भी एक छात्र शामिल था। राहुल गांधी ने वीडियो दिखाते हुए कहा कि जब सरकार शिक्षा में कम पैसा लगाती है, तो इसका सीधा असर छात्रों पर पड़ता है और इंफ्रास्ट्रक्चर ढह जाता है। आप इस वीडियो को देखकर समझिए कि स्टूडेंट्स खतरे में क्यों है। सत्य निकेतन हादसे में मरने वाले एक छात्र के परिजनों ने स्टेज पर आकर अपनी पीड़ा सबके सामने रखी। राहुल गांधी ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।

अंत में राहुल गांधी ने कहा कि हम चाहते हैं: स्टूडेंट्स की टूटी हुई उम्मीद वापस आए और वे फिर से शिक्षा और सिस्टम पर विश्वास करना शुरू करें।स्टूडेंट्स अपनी स्ट्रेंथ- जिज्ञासा, ईमानदारी, जुझारूपन, प्यार, और दया के बल से देश को आगे बढ़ाएं। आज देश में जो हिंसा और नफरत फैलाई जा रही है, उसे छात्र ही मिटा सकते हैं, इसे अंधभक्त कभी नहीं मिटा सकता। हम स्टूडेंट्स का हिंदुस्तान चाहते हैं, अंधभक्तों का नहीं।

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