
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले कॉकरोज जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को SEM कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने तीनों नेताओं को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आपको बता दें, इससे पहले पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने रांका, दास और शिंदे समेत कई अन्य को बिना अनुमति जंतर मंतर क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिकी में शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं भी शामिल हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब सीजेपी के कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग वाले जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।
आपको बता दें, जंतर-मंतर को हाल ही में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन को 12 अक्टूबर को बैन कर दिया गया। यानी अब जंतर-मंतर पर कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए नई गाइडलाइंस जारी भी की । यह फैसला गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।
विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नई जगहों- रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबी मैदान (पूर्वी दिल्ली) को तय किया गया है।
इन तीन जगहों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) अलग से जारी की जाएगी। दिल्ली पुलिस का यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक बदलाव है।
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