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CJP का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, निशु आजाद संग पहुंचे सौरभ-रांका, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग

सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं।

CJP का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, निशु आजाद संग पहुंचे सौरभ-रांका, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग (फोटो: विपिन)
CJP का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन, निशु आजाद संग पहुंचे सौरभ-रांका, स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग (फोटो: विपिन) 

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। CJP ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की है। आरोप है कि भारद्वाज ने पिछले महीने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे एक व्यक्ति के पिता पर हमला करने की बात कथित तौर पर स्वीकार की थी।

सीजेपी के नेता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका अपनी कार्यकर्ता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग को लेकर नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद भी थाने पहुंचीं।

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से कहा कि जंतर-मंतर पर जब उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था, तब वहां हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आपराधिक गैंग दिल्ली में पहले से हिंसा करती आ रही है।

सौरव दास का दिल्ली पुलिस पर आरोप

सौरव दास ने कहा, ”एक नाबालिग लड़की पहले दिन से ही हमारे प्रदर्शन से जुड़ी हुई है। उसके पिता संजय जी भी उसके साथ आते हैं। जब हम शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, तभी एक आपराधिक गिरोह के कुछ लोग हमारे प्रदर्शन में घुस आए और हिंसा करने लगे। FIR दर्ज होने के बाद भी हमने पुलिस पर दबाव बनाए रखा। हमने कहा कि यह हत्या की कोशिश थी और संबंधित धारा जोड़ी जानी चाहिए। हमने SC/ST एक्ट लगाने की भी मांग की क्योंकि वे दलित परिवार से हैं। इस मामले में जाति का भी पहलू है। लेकिन पुलिस ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। जब हमने पुलिस पर दबाव बनाया तो उन्होंने हमें अदालत जाने और आदेश लेने को कहा।”

उन्होंने कहा, "ये लोग इतने समय से दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं, ये हमारी समझ से परे है। दिल्ली पुलिस बार-बार कह रही थी कि जंतर-मंतर पर 2,800 से ज्यादा घोर अपराधियों की पहचान की गई तो आप उन लोगों को ये छूट क्यों देना चाह रहे हैं? हमने कहा कि उन 2,800 अपराधियों की पहचान की जाए और यदि उन्होंने कोई संगीन अपराध किया है तो आप उनके खिलाफ कार्रवाई करें, जेल में डालें। क्या कानून व्यवस्था दिल्ली में इतनी दुर्बल हो गई है? दिल्ली पुलिस को जवाब देना चाहिए।"

आशुतोष रांका ने क्या कहा?

 वहीं, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनकी साथी निशु के पिता संजय आजाद के साथ मारपीट हुई और उनका सिर फोड़ा गया। यह घटना खुलेआम हुई।

आशुतोष रांका ने कहा, "लगातार हमारी टीम और सौरव दिल्ली पुलिस से मांग करते रहे कि इन गुंडों को गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा और उनकी पूरी कोशिश उन्हें जान से मारने की थी।"

उन्होंने कहा कि आरोपी खुद कबूल कर रहा है कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था लेकिन दिल्ली पुलिस ने उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया। आज देश और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले दावा करता है कि उसने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सीजेपी ने मांग की है कि जिन लोगों ने खुद अपनी पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उन पर हत्या के प्रयास समेत सभी संगीन धाराएं लगाई जाएं।

आरोपी का कबूलनामा 

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज नामक व्यक्ति ने दावा किया है कि संजय आजाद के सिर पर वार उसी ने किया था। साथ ही, उसने राजनीतिक प्रभाव के चलते अपने खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होने की बात भी कही।

 इसी वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ता पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे हैं और निशु के पिता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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