
कांग्रेस ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर ‘ध्रुवीकरण’ का प्रयास करने, जिम्मेदारी से भागने और गैर जरूरी मुद्दे उठाने का आरोप लगाते हुए इसे ‘असंवैधानिक’ करार दिया और कहा कि जब तक 'पैलेट गन से घायल' युवक साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस नेता संसद मार्ग स्थित थाने से नहीं हटेंगे।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि बीजेपी जिम्मेदार से भागने के लिए गैर-जरूरी मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं के साथ संसद मार्ग थाने के परिसर में धरने पर बैठे हैं। संसद मार्ग थाना परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की मांग ‘‘बहुत सरल’ है कि प्राथमिकी दर्ज की जाए और उसका नंबर दिया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘साहिल ने वास्तविक मांग की है कि प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मांग को आवाज दे रहे हैं। साहिल ने पुलिस द्वारा पैलेट गन के कथित अवैध इस्तेमाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।’’
जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी स्पष्ट हैं कि जब तक नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, वे यहां से नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। हम जो कर रहे हैं, वह संविधान के अनुरूप है।’’
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बीजेपी की ओर से ध्रुवीकरण का प्रयास किया गया है जो असंवैधानिक है। इससे पहले, राहुल गांधी साहिल लोचब के साथ मंदिर मार्ग थाने पहुंचे थे और कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के कारण घायल हुए लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे संसद मार्ग थाने पहुंचे और डीसीपी सचिन शर्मा से मुलाकात की जिसके बाद वह वहां धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान लोचब की आंखों और पेट में पैलेट (छर्रे) लगे थे और बाद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में उनकी सर्जरी हुई थी।
जयराम रमेश ने कहा, "स्टाफ सिलेक्शन कमीशन में पेपर लीक से परेशान एक भारतीय युवा 20 जुलाई को विरोध-प्रदर्शन कर रहा था। वह किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ा था, न ही उसका कोई राजनीतिक संबंध था और उस पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।"
उन्होंने बताया कि लोचब की एक आंख की रोशनी चली गई है और उनके पूरे शरीर पर पैलेट के निशान हैं। जयराम रमेश ने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि कानून, संविधान या सुशासन के नियमों में ऐसी कौन सी बात है जो दिल्ली पुलिस को साहिल के मामले में एफआईआर दर्ज करने से रोकती है।"
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