हालात

कांग्रेस ने विशेष सत्र से पहले जारी किया व्हिप, अपने सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा

सोनिया गांधी ने अपने एक लेख में सरकार को घेरते हुए कहा कि इस समय असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में असली चिंता, जल्दबाजी में किए गए परिसीमन से उत्पन्न होने वाले जोखिम और असमानताएं हैं।

कांग्रेस ने विशेष सत्र से पहले जारी किया व्हिप, अपने सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा
कांग्रेस ने विशेष सत्र से पहले जारी किया व्हिप, अपने सांसदों को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने को कहा फोटोः IANS

संसद के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को लोकसभा में अपने सांसदों के लिए तीन-लाइन का व्हिप जारी किया। इसमें सांसदों को 16 से 18 अप्रैल तक संसद में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश किये जाने की चर्चा है। इससे पहले, सत्तारूढ़ बीजेपी और सहयोगी पार्टी जेडीयू अपने सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर चुकी हैं।

Published: undefined

कांग्रेस ने अपने नोटिस में कहा, "16, 17 और 18 अप्रैल को लोकसभा में चर्चा और मतदान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाएंगे। लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे 16, 17 और 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे से सदन के स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहें और पार्टी के रुख का समर्थन करें।"

Published: undefined

बता दें कि 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023' में संशोधन विधेयक पेश किये जाने की चर्चा है। कांग्रेस 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन पेश करने के समय को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। सोमवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति जनगणना को टालने और पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जिस तरह और जिस समय संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है, उससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।

Published: undefined

उन्होंने कहा कि इस समय असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है। उन्होंने अपने एक लेख में लिखा, "महिला आरक्षण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में असली चिंता, जल्दबाजी में किए गए परिसीमन से उत्पन्न होने वाले जोखिम और असमानताएं हैं।" सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि परिसीमन की कोई भी प्रक्रिया, जिसमें लोकसभा की सदस्य संख्या में वृद्धि शामिल हो, उसे केवल गणितीय रूप से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी न्यायसंगत होना चाहिए।

इसे भी पढ़ेंः 'चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र की क्या जरूरत', सोनिया गांधी बोलीं- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन असली मुद्दा

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined