
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के वर्तमान मानसून सत्र में अब तक लोकसभा और राज्यसभा से अनुपस्थित रहे हैं तथा उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डराने-धमकाने वाले खुद ‘‘कायर’’ होते हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संसद के दोनों सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद यह भी कहा कि खबरें ‘‘प्लांट करने’’ और विमर्श बदलने की कोशिशों के बावजूद गृह मंत्री सदन में नहीं आ सके। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री आज भी लोकसभा में नजर नहीं आए, जबकि सदन की कार्यसूची में उनके नाम के आगे विधायी कामकाज सूचीबद्ध था।’’
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘एक बार फिर उन्होंने साबित कर दिया है कि डराने-धमकाने वाले खुद कायर होते हैं।’’ उनके मुताबिक, शाह मानसून सत्र के अब तक 17 कार्य दिवसों में लोकसभा और राज्यसभा में नहीं आए हैं, जो ‘‘वास्तव में अभूतपूर्व’’ है।
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है: क्या वह ठीक हैं? क्या नंबर एक और नंबर दो के बीच सब कुछ ठीक है?’’
संसद का वर्तमान मानसून सत्र बीते 20 जुलाई को आरंभ हुआ था। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण अब तक दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। हंगामे के बीच ही सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सफल रही है।
सरकार ने कहा है कि वह छात्रों के विषय पर चर्चा कराने और इस पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है, हालांकि विपक्ष का कहना है कि राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर चर्चा, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर शाह के जवाब और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी की मांग के मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं तथा वह इन तीनों मांगों पर कायम है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए