कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से अलग होने वाले सात सांसदों के बीजेपी में विलय को राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन द्वारा मान्यता दिए जाने के बाद सोमवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए और ‘लोटस’ (कमल का फूल) अब ‘लूटस’ बन गया है। ‘कमल का फूल’ बीजेपी का चुनाव चिन्ह है।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आप के सात सांसदों के बीजेपी में विलय को स्वीकार करने का राज्यसभा के सभापति का निर्णय बिल्कुल भी आश्चर्यजनक नहीं है। वास्तव में आश्चर्य केवल यह है कि इसमें इतना समय लग गया और बीते सप्ताहांत इसे औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी ने इन सांसदों की उसी तरह सराहना की है जैसे इन सांसदों ने अपने नए घर को गर्मजोशी से अपनाया है। हाल तक, बीजेपी के पास उनकी ईमानदारी को लेकर गंभीर सवाल थे और ठोस सबूत होने का दावा था, लेकिन अब वह सब आसानी से भुला दिया गया है।’’
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जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि ईडी हाल तक इनमें से कुछ सांसदों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन कोई शर्त लगा सकता है कि अब उन पर भी रोक लग जाएगी और ईडी के छापे जो कुछ अन्य लोगों के खिलाफ हो सकते थे, निश्चित रूप से अब नहीं होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और रोकथाम संबंधी कार्रवाई दोनों है। ‘लोटस’ अब ‘लूटस’ बन गया है।’’
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राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने आप के सात सांसदों का बीजेपी सदस्य माने जाने का अनुरोध सोमवार को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया, जिससे उच्च सदन में अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ के सदस्यों की संख्या 10 से घटकर तीन रह गई। इसके साथ ही उच्च सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।
राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता वे सात सांसद हैं जो आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए हैं।
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