
सीपीआई महासचिव डी. राजा ने गुरुवार को कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अपनी मंशा साफ करनी चाहिए। आयोग की कार्यशैली की वजह से लोगों के जेहन में एसआईआर को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
डी. राजा ने कहा कि निसंदेह एसआईआर का मुख्य उद्देश्य यह पता करना है कि कौन हिंदुस्तानी है और कौन नहीं? आखिर अवैध दस्तावेज का सहारा लेकर कौन भारत में रह रहा है? ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की ही एसआईआर प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन इसकी कार्यशैली को लेकर लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
डी. राजा ने कहा कि मौजूदा समय में जिस तरह के सवाल उठ रहे हैं, उससे तो एक बात साफ है कि अगर इन सवालों के जवाब समय पर नहीं दिए गए तो स्थिति पेचीदा हो सकती है।
डी. राजा ने कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से कई राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, लेकिन इन राज्यों के मुख्यमंत्री भी इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल उठ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से लेकर तमिलनाडु के सीएम तक इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि इन सवालों के जवाब सामने आकर दिए जाएं, ताकि पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके। मैं फिर से यह बात जोर देते हुए कहता हूं कि अगर चुनाव आयोग ने इनके सवालों के जवाब नहीं दिए तो लोगों के जेहन में इसकी मंशा को लेकर सवाल उठेंगे। अब समय आ चुका है कि चुनाव आयोग अपना रुख स्पष्ट करे, ताकि पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए