
दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों को लेकर टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। इसका एक उदाहरण रविवार को दिल्ली में देखने को मिला जब भरी सभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी उपराज्यपाल द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट के दो टुकड़े कर दिए।
Published: 30 Jul 2018, 9:27 AM IST
सीएम केजरीवाल सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को लेकर आरडब्लूयए और मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी का जिक्र करते हुए कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर दिल्ली में कोई सीसीटीवी लगाता है तो उसके लिए दिल्ली पुलिस से लाइसेंस लेनी होगी। कमेटी के इस नियम का विरोध करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि सीसीटीवी लगाने के लिए लाइसेंस का मतलब है कि पैसा चढ़ाओ और लाइसेंस ले जाओ।
Published: 30 Jul 2018, 9:27 AM IST
केजरीवाल ने कहा कि जनतंत्र में जनता जनार्दन होती है। ऐसे में शहर में सीसीटीवी कहां लगने हैं, यह पुलिस नहीं बल्कि महिलाएं और मार्केट एसोसिएशन तय करेंगे। मंच से केजरीवाल ने लोगों से भी पूछा कि क्या सीसीटीवी के लिए लाइसेंस होना चाहिए। लोगों ने ना में जवाब दिया। इसके बाद सीएम केजरीवाल ने लोगों से पूछा कि इस रिपोर्ट के साथ क्या सलूक किया जाए। यह बात कहते हुए केजरीवाल ने रिपोर्ट फाड़ दी।
Published: 30 Jul 2018, 9:27 AM IST
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Published: 30 Jul 2018, 9:27 AM IST