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सौरव दास-आशुतोष रांका की मुश्किलें बढ़ीं! दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने भेजा समन, आज ही पेश होने को कहा

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। दोनों को बुधवार को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

  • दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को आज दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है।

  • दोनों नेताओं को बुधवार को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था।

  • दोनों पर जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश करने और शांति बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।

सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। पुलिस ने उन्हें आज दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

क्राइम ब्रांच की टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर दोनों से पूछताछ करेगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बुधवार को ही अदालत ने दोनों नेताओं को निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था।

50-50 हजार रुपये के मुचलके पर मिली थी रिहाई

आपको बता दें, विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बुधवार को सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर तिहाड़ जेल से रिहा करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान दोनों नेताओं ने लिखित हलफनामा देकर आश्वासन दिया कि जब तक जंतर-मंतर का क्षेत्र डी-नोटिफाई रहेगा, वे वहां शांति भंग करने वाली कोई गतिविधि नहीं करेंगे और न ही किसी प्रदर्शन का आह्वान करेंगे।

दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि उनके बयानों में विरोधाभास है और उनकी गतिविधियों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, बचाव पक्ष की ओर से बिना शर्त माफी और भविष्य में नियमों का पालन करने के आश्वासन के बाद मजिस्ट्रेट ने आगे हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं मानी। मामले में अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।

जंतर-मंतर पर प्रवेश और शांति बॉन्ड के उल्लंघन का आरोप

सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने प्रतिबंधित और डी-नोटिफाई किए गए जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर बिना अनुमति प्रवेश किया और पहले से भरे गए शांति बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया।

इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। दोनों नेताओं ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए उन्हें विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले का इंतजार करने को कहा था।

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