
नए साल के पहले दिन दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने ठंड के साथ-साथ बारिश की भी संभावना जताई है, जो इस मौसम की पहली बारिश हो सकती है। सुबह से ही सर्द हवाओं और घने कोहरे ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है और पूरे दिन ठंड बने रहने का अनुमान है।
आज सुबह दिल्ली के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, दिन चढ़ने के बाद भी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है और रात तक सर्दी का असर बना रहेगा।
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दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 0.4 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, ठंडी हवाओं के चलते तापमान इससे भी कम महसूस हो सकता है, जिससे कंपकंपाने वाली ठंड का अहसास होगा।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार 31 दिसंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते 6 वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन रहा। इससे पहले 31 दिसंबर 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सीजन के औसत से थोड़ा नीचे है।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यदि बारिश होती है तो ठंड और ज्यादा बढ़ जाएगी। यह इस सीजन की पहली बारिश होगी, जिससे सर्द मौसम का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में बिना गर्म कपड़ों और छाते के बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
अधिकतम तापमान अगले चार दिनों तक सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे रह सकता है और इसके बाद भी इसमें खास बढ़ोतरी के आसार नहीं हैं।
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दिल्ली-एनसीआर में 1 से 3 जनवरी तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान घना कोहरा, बर्फीली हवाएं और शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। खासतौर पर सुबह और रात के समय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सर्दी और कोहरे के साथ दिल्ली की हवा भी बेहद खराब बनी हुई है। आज एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 373 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। ठंड और कोहरे के कारण प्रदूषक कण हवा में ज्यादा देर तक बने रहते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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