
कांग्रेस नेता उदित राज ने बौद्ध भिक्षुओं, रविदास और वाल्मीकि मंदिरों के पुजारियों तथा गिरजाघरों के पादरियों को प्रति माह 18,000 रुपये दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के निकट प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने पूर्व सांसद उदित राज और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
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आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान वादा किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में उनकी सरकार एक बार फिर से बनने पर मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को प्रतिमाह 18000 रुपये दिए जाएंगे।
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उनके इसी ऐलान के मद्देनजर उदित राज ने बौद्ध भिक्षुओं और पादरियों के लिए भी वेतन की मांग को लेकर आज प्रदर्शन किया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे उदित राज और उनके समर्थकों को फिरोजशाह रोड स्थित केजरीवाल के आवास के निकट से पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
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उदित राज ने दावा किया, ‘‘अरविंद केजरीवाल की दलित और आरक्षण विरोधी सोच कोई नई नहीं है। केजरीवाल ने 2 अगस्त, 2008 को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के ताप्ती छात्रावास में ‘यूथ फॉर इक्विलिटी फोरम’ के मंच से आरक्षण के विरोध में बोला था।’’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल जाति जनगणना पर भी चुप्पी साधे हुए हैं और स्पष्ट है कि वह घोर दलित विरोधी हैं।
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