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सरकार के अड़ियल रुख के कारण बैठक रही बेनतीजा, किसान नेताओं ने वार्ता में मोदी सरकार के रवैये पर उठाए गंभीर सवाल

भारतीय किसान यूनियन पंजाब के महासचिव बलवंत सिंह ने बताया कि बैठक में सरकार का रुख सहयोगात्मक नहीं दिखा। कमेटी के जरिए सरकार मुद्दे को लटकाना चाहती थी, इसलिए हमने कमेटी की बात नहीं मानी। अब 3 दिसंबर की बैठक पर हमारी नजर टिकी है।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई दोनों बैठकें बेनतीजा रहीं। पहली बैठक विज्ञान भवन में करीब साढ़े तीन घंटे चली तो दूसरी बैठक कृषि मंत्रालय में करीब एक घंटे में ही खत्म हो गई। दूसरी बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो पहली बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

हालांकि, दोनों ही बैठकें बेनतीजा रहीं। अब तीन दिसंबर को दोपहर 12 बजे चौथे दौर की बैठक होगी। पहली बैठक में सरकार ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए एक कमेटी बनाने का ऑफर दिया था, लेकिन किसान नेताओं ने यह ऑफर ठुकरा दिया। उधर, सरकार का कहना है कि आज की बैठक सकारात्मक रही है। अब आगे तीन दिसंबर को चौथे राउंड की बैठक में हल निकलने की उम्मीद है।

लेकिन सरकार के साथ बैठक में शामिल किसान नेताओं ने सरकार के रवैये को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। विज्ञान भवन की बैठक में शामिल भारतीय किसान यूनियन एकता के सरदार चंदा सिहं ने बताया कि तीनों कानूनों को लेकर सरकार का अड़ियल रुख सामने आया। सरकार बात तो करना चाहती है, लेकिन मुद्दों को सुलझाना नहीं चाहती। लेकिन किसान झुकने वाले नहीं हैं। अब 3 दिसंबर की बैठक पर हमारी नजर टिकी है।

भारतीय किसान यूनियन पंजाब के महासचिव बलवंत सिंह ने बताया कि बैठक में सरकार का रुख सहयोगात्मक नहीं दिखा। सरकार ने किसान नेताओं के साथ मिलकर मुद्दों पर विचार के लिए एक कमेटी बनाने की बात कही थी। लेकिन कमेटियों का हाल किसी से छुपा नहीं है। कमेटी के जरिए सरकार मुद्दे को लटकाना चाहती थी। इसलिए हमने कमेटी की बात नहीं मानी। अब आगे तीन दिसंबर को बात होगी।

आज कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री सोम प्रकाश के साथ हुई बैठक में मौजूद रहे पंजाब किसान संगठन के नेता करनैल सिंह ने बताया कि बैठक बेनतीजा निकलने से किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। तीनों कृषि कानून कारपोरेट को फायदा पहुंचाने वाले हैं। तीनों कानून को सरकार वापस लेगी, तभी किसान मानेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ लगातार वार्ता जारी रहेगी।

बता दें कि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश के साथ नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार शाम साढ़े तीन बजे से पहली बैठक शुरू हुई, जिसमें 32 किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहीं बाद में कृषि मंत्रालय में एक दूसरी बैठक हुई, जिसमें भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि राकेश टिकैत के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के कुछ किसान नेताओं ने भाग लिया।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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