
मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र के किसानों ने आज एक बैठक में ऐलान किया कि वे कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए कल दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। एक किसान नेता ने कहा कि साथी किसानों से आग्रह है कि हमारे साथ चलने वाले किसान आवश्यक सामान साथ लेकर चलें।
कृषि कानूनों पर यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के किसानों के साथ सरकार की बैठक में शामिल भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि हम कल कृषि कानूनों से संबंधित अपने मुद्दों का मसौदा पेश करेंगे। सरकार ने पंजाब, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के किसानों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इसलिए, 3 दिसंबर को अगली बैठक तक, सरकार के पास सभी मुद्दों पर विचार-मंथन करने का समय है।
कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के किसानों के साथ सरकार की अलग से हुई बैठक खत्म हो गई है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि किसान संगठनों से उनके मुद्दों की लिस्ट मांगी गई है। अगली बैठक में उन पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को कृषि कानून पर चर्चा से कोई समस्या नहीं है।
कांग्रेस ने कहा है कि लोकतंत्र में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना, आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में मोदी सरकार किसानों पर मुकदमे दर्ज कर उनके संवैधानिक अधिकारों के नष्ट कर रही है। कांग्रेस मोदी सरकार से किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तत्काल बिना शर्त वापस लेने को कहा है
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कार्पोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली के कृषि भवन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के किसानों के साथ अलग से बैठक शुरु की है।
सरकार के साथ आज की वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद अखिल भारतीय किसान महासंघ के अध्यक्ष प्रेम सिंह भंगू ने कहा कि आज की बैठक अच्छी रही और कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ 3 दिसंबर को हमारी अगली बैठक के दौरान हम उन्हें समझाएंगे कि कृषि कानून का कोई भी किसान समर्थक नहीं है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसानों के साथ बैठक बेनतीजा खत्म होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बैठक अच्छी रही और हमने फैसला किया है कि 3 दिसंबर को बातचीत होगी। हम चाहते थे कि एक छोटा समूह गठित किया जाए, लेकिन किसान नेता चाहते थे कि वार्ता सभी के साथ हो, हमें इससे कोई समस्या नहीं है। इसके साथ ही तोमर ने कहा, “हम किसानों से अपील करते हैं कि वे विरोध-प्रदर्शनों को स्थगित करें और वार्ता के लिए आएं। हालांकि, यह निर्णय किसान संघों और किसानों पर निर्भर करता है।”
दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार के साथ बैठक बेनतीजा खत्म होने के बाद किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य चंदा सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा और हम निश्चित रूप से सरकार से कुछ न कुछ वापस लेकर रहेंगे, चाहे वह गोलियां हो या शांतिपूर्ण समाधान। हम उनके आगे की चर्चा के लिए फिर बैठक करेंगे।
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच दोपहर तीन बजे से शुरू हुई बैठक बेनतीजा खत्म हो गई है। हालांकि, 3 दिसंबर को एक बार फिर बैठक करने की बात कही गई है। इससे पहले बैठक में सरकार ने कृषि कानूनों पर समिति बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे किसानों ने ठुकरा दिया।
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच जारी बैठक में कृषि नरेंद्र सिंह तोमर की तरफ से कृषि कानून पर चर्चा के लिए कमेटी बनाने के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकरा दिया है। किसानों ने कहा कि अब समिति बनाने का समय नहीं है।
किसानों के साथ केंद्र सरकार की बातचीत के बीच केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह ने किसानों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जो चीज किसान के हित में है, वह किया गया है। स्वामीनाथन आयोग में मांग की गई थी कि किसान के पास अपनी फसल बेचने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, वह किसी चीज से बंधा न रहे। सरकार ने यह कर दिया। उन्होंने कहा कि किसान को परेशानी नहीं हो रही, बाकी लोगों को हो रही है। विपक्ष के साथ उन लोगों का हाथ है जो कमीशन खाते हैं।
आंदोलनकारी किसानों द्वारा दिल्ली-यूपी लिंक रोड को बाधित करने के कारण (दिल्ली-नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर बंद हो गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नोएडा जाने वाले यात्रियों के लिए एक निर्देश जारी करते हुए गाजीपुर/अक्षरधाम फ्लाईओवर से यू-टर्न लेने और सराय काले खां मार्ग से जाने की सलाह जारी की है।
दिल्ली में किसान नेताओं से जारी वार्ता में सरकार ने कहा कि आप अपने संगठनों से 4-5 लोगों के नाम दें, जिनको लेकर एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कृषि विशेषज्ञों को रखा जाएगा, जो नए कृषि कानूनों पर चर्चा करेंगे। विज्ञान भवन में सरकार और किसानों नेताओं के बीच बैठक अभी जारी है।
जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के संस्थापक अजय चौटाला ने कहा कि जब सरकार के नेता बयान दे रहे हैं कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जारी रखेंगे, तो विधेयक में इसे शामिल करने में क्या समस्या है?
सिंघू बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रही शाहीन बाग की बिलकिस दादी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इससे पहले आज किसानों के समर्थन में उतरते हुए बिलकिस दादी ने कहा था कि हम किसानों की बेटियां हैं। हम आज किसानों के विरोध का समर्थन करने जाएंगे। हम अपनी आवाज उठाएंगे, सरकार को हमारी बात सुननी चाहिए।
गाजीपुर-गाजियाबाद सीमा पर आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने दोपहर 3 बजे पंजाब के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया है। बाद में, सरकार आज शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली के किसान प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करेगी। हम सभी मामले पर अंतिम निर्णय चाहते हैं।
दिल्ली के बुराड़ी मैदान पहुंचे दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि एक उचित संवाद होना चाहिए और केंद्र को किसानों द्वारा प्रस्तावित सभी मांगों को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि विरोध स्थलों पर जाने का मेरा उद्देश्य किसानों के विरोध प्रदर्शन के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
किसान संगठनों और सरकार के बीच दिल्ली के विज्ञान भवन में वार्ता शुरू हो गई है। इस बातचीत में 32 किसान संगठनों के लोग हिस्सा ले रहे हैं। किसानों की मुख्य मांग यह है कि सरकार नए कृषि कानूनों को वापस ले।
सरकार से बातचीत के लिए दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान पहुंच गए हैं। थोड़ी देर में किसानों और सरकार के बीच वार्ता शुरू होगी।
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, “जिस तैयारी से किसान आए हैं, वो सोच कर आए हैं कि केंद्र सरकार इनकी बात आसानी से नहीं मानेगी। उनके पास 6 महीने का तेल, गैस, आटा, दाल, चावल है। वे इन तीनों कानूनों को वापस कराकर अपने घर जाएंगे। सरकार को इनसे खुले मन से बातचीत करनी चाहिए।”
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच पहुंच गए हैं।
किसान संगठनों और सरकार के बीच अब से कुछ देर में वर्ता शुरू होगी। 32 किसान संगठनों के लोग बैठक के लिए सिंघु बॉर्डर से निकल चुके हैं। कुल तीन लोगों के ग्रुप में करीब 35 लोग बातचीत के लिए जाएंगे।
पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि खुले दिल से उनकी (किसानों) मांगों पर विचार करें और उन्हें मानें।
दिल्ली में किसानों के मुद्दे पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर हो रही अहम बैठक खत्म हो गई है। नड्डा के आवास से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बाहर निकल गए हैं। इस बैठक में तोमर के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्री शामिल हुए। अब दोपहर 3 बजे किसानों से वार्ता होगी।
टिकरी बॉर्डर पर मौजूद पंजाब किसान यूनियन के प्रमुख रुलदू सिंह ने कहा कि हम सरकार से बातचीत करेंगे और आज होने वाली बैठक में शामिल होंगे।
दिल्ली में किसानों से वर्ता से पहले गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर पहुंच गए हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। केंद्र सरकार ने आज दोपहर तीन बजे किसानों को बातचीत के लिए विज्ञान भवन में बुलाया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज 3 बजे किसानों को बुलाया है। सरकार चर्चा के लिए हमेशा तैयार है। आएंगे तो जरूर उनका स्वागत है। मांग पर सड़क पर बात नहीं होती है।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के महासचिव ने कहा, “कल देर रात सरकार से चिट्ठी आई, जिसमें पंजाब के 32 किसान संगठनों को बातचीत का न्योता दिया गया। देश के सभी संगठनों को बुलावा नहीं भेजा गया। यह देश के किसानों में फूट डालने वाली बात है। हमने बैठक में नहीं जाने का फैसला किया है।”
पंजाब किसान संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सुखविंदर सब्रन ने कहा है कि देश में किसानों के 500 से ज्यादा समूह हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 32 समूहों को बातचीत के लिए न्योता दिया है। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता।
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसान डटे हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच आज वार्ता होगी। वार्ता से पहले किसानों की एक बैठक होने वाली है। बैठक थोड़ी देर में शुरू होगी। सरकार से बात करने को लेकर इस बैठक में रणनीति तैयार की जाएगी।
पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री लगातार किसानों की आवाज बुलंद कर ही। गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने किसानों के मसले पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा “जो लोग किसानों के खिलाफ हैं उनका साफ पता चल रहा है। लेकिन जो अपने ही लोगों को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं, उन्हें अपने-अपने फर्ज को पहचानने की जरूरत है।”
किसानों और सरकार के बीच आज वार्ता होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 6 दिनों से किसान सड़कों पर हैं और लगातार सरकार से आधिकारिक वार्ता की मांग कर रहे थे।
इससे पहले सरकार की शर्त थी कि किसान बुराड़ी ग्राउंड में जाएं, फिर बात होगी लेकिन किसानों सरकार की शर्त को मानने से इनकार कर दिया था। किसानों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार उनसे बात कर उनकी मांगों का हल नहीं निकालती तो वह दिल्ली के सभी रास्तों को जा कर देंगे। किसानों की चेतावनी के बाद अब सरकार ने उन्हें बिना शर्त बातचीत के लिए बुलाया है।
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Published: 01 Dec 2020, 8:20 AM IST