
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी शनिवार को रायपुर में दिल का दौरा पड़ने के बाद एक निजी अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके इकलौते बेटे अमित जोगी ने कहा, “मेरे पिता की हालत बेहद गंभीर है। लेकिन वह एक योद्धा हैं। उन्हें भगवान की इच्छा के अलावा छत्तीसगढ़ के लोगों की दुआओं की जरूरत है।”
परिवार के सदस्यों ने बताया कि अजीत जोगी आज दोपहर के आसपास गले में एक इमली का बीज फंसने की वजह से दिल का दौरा पड़ने के कारण अपने निवास के लॉन में गिर गए थे। जिसके बाद 74 वर्षीय नेता को श्री नारायण अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और डॉक्टरों ने उनकी हालत बहुत गंभीर बताई है। उनकी पत्नी और वरिष्ठ चिकित्सक रेणु जोगी ने बताया था कि अजीत जोगी की हालत गंभीर है, लेकिन स्थिर है। वह 48 घंटे तक निगरानी में रहेंगे।
उस समय जोगी के बेटे और पूर्व विधायक अमित जोगी बिलासपुर में थे, लेकिन शाम तक वह भी रायपुर लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि नाश्ता करने के बाद उनके पिता को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। जिसके बाद हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अमित जोगी ने कहा कि डॉक्टरों ने हृदयाघात होने की बात कही है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है।
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अजीत जोगी ने साल 2004 में एक सड़क दुर्घटना के बाद से में लकवे के कारण व्हीलचेयर पर हैं। हाल ही में 29 अप्रैल को उन्होंने अपना 74वां जन्मदिन मनाया था।
साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन होने के बाद जोगी राज्य की पहली कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने नवंबर 2003 तक राज्य में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया। उसके बाद जून, 2016 में जोगी ने कांग्रेस छोड़ दी और एक क्षेत्रीय पार्टी का गठन किया। 15 साल राज्य में बीजेपी की सरकार के दौरान वह विपक्ष के मुखर चेहरा रहे। साल 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से वह राजनीतिक रूप से अलग-थलग रह रहे हैं।
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