
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने की साजिश गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रची गई और इस कदम का मकसद किसी भी तरह से लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाना है। उन्होंने कहा कि तेलुगू देशम पार्टी और जनता दल (यू) को इस प्रयास का विरोध करना चाहिए, क्योंकि अब एनडीए में उनका महत्व कम हो जाएगा।
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जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक हताश केंद्रीय गृह मंत्री, जो सरदार पटेल द्वारा सुशोभित इस पद की गरिमा पर कलंक हैं, ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए भारतीय लोकतंत्र को एक नए निम्न स्तर पर पहुंचा दिया है। उन्होंने टीएमसी के 20 सांसदों को अवैध रूप से अलग कराने और उनका विलय महज तीन वर्ष पहले गठित, लगभग अज्ञात और कथित रूप से पंजीकृत, लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ में कराने की साजिश रची है।’’
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उन्होंने कहा कि यह पार्टी एनडीए में लंबे समय से स्थापित और अनुभवी दलों तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जनता दल (यूनाइटेड) से भी बड़ी होकर दूसरा सबसे बड़ा दल बन सकती है।रमेश ने कहा कि वास्तव में इन दोनों दलों को ऐसी ओछी और घृणित राजनीतिक चालों के जरिये अपने महत्व को कम किए जाने का विरोध करना चाहिए।
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कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ‘‘यह विचित्र कदम लोकसभा में एनडीए के लिए दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने की केंद्रीय गृह मंत्री की रणनीति का हिस्सा है। जब तक वह इस पद पर बने रहेंगे, तब तक शालीनता, लोकतांत्रिक मर्यादा और संविधान के मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता लगातार खतरे में बनी रहेगी।’’
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