
पश्चिम एशिया में छिड़े जंग के कारण भारत में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। पुणे के श्मशानों में गैस से दाह संस्कार पर रोक लगने के बाद अब कर्नाटक के बेंगलुरु के होटल्स ने कहा है कि कमर्शियल एलपीजी की कमी के कारण वे कल से अपने होटल्स नहीं चला पाएंगे।
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने एक बयान जारी कर कहा कि कमर्शियल कुकिंग गैस की भारी कमी के कारण वे कल से अपने रेस्टोरेंट नहीं चला पाएंगे। वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस की सप्लाई लगभग पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे रेस्टोरेंट चला पाना अब पूरी तरह मुश्किल हो गया है।
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इससे पहले आज पुणे नगर निगम ने एलपीजी गैस की किल्लत के कारण शहर के सभी श्मशान घाटों पर गैस से दाह संस्कार पर रोक लगा दी। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि यह फैसला पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण एलपीजी की सप्लाई में आई कमी के मद्देनजर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के पालन में लिया गया है।
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इस बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी की कमी को देखते हुए इसकी जमाखोरी को रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग की अवधि बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। सरकार का कहना है कि अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच बाजार में घबराहट में खरीदारी के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और स्टॉक को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उपाय के रूप में एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग का समय बढ़ा दिया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका से बुकिंग बढ़ने से मांग में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
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एक अधिकारी ने बताया कि औसतन परिवार एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 7-8 एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं और सामान्यतः उन्हें 6 सप्ताह से कम समय में सिलेंडर रिफिल कराने की आवश्यकता नहीं होती है। अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर होने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को वहन करेंगी।
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