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'संस्थागत जवाबदेही खतरनाक स्थिति में', अभिजीत दिपके ने चुनाव प्रणाली पर उठाए सवाल

अभिजीत दिपके ने कहा कि आज, सरकार तय कर रही है कि कौन वोट देगा। लोकतंत्र इस तरह काम नहीं कर सकता। हमें चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक हम ऐसा नहीं करते, देश में चुनावों में हेरफेर जारी रहेगा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया  

कॉकरोच जनता पार्टी  के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि आज हमारे देश में संस्थागत जवाबदेही खतरनाक स्थिति में है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है। पहले, वोटर सरकार चुनते थे। आज, सरकार तय कर रही है कि कौन वोट देगा। लोकतंत्र इस तरह काम नहीं कर सकता। हमें चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करनी होगी। जब तक हम ऐसा नहीं करते, देश में चुनावों में हेरफेर जारी रहेगा।

वहीं अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को कहा कि कॉजपा अगले महीने देशभर में लोगों से संवाद करने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए ‘‘क्या बोलती पब्लिक’’ मुहिम शुरू करेगी। दीपके ने कहा, ‘‘इस ‘क्या बोलती पब्लिक’ मुहिम के दौरान हमें पता चलेगा कि देश के मौजूदा हालात के बारे में लोग क्या सोचते हैं और उन्हें किन मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।’’

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की सबसे बड़ी कामयाबी बताते हुए दीपके ने कहा, ‘‘पिछले 10-12 साल में इस सरकार ने लोगों के मन में जो डर पैदा किया था, वह अब खत्म हो गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब लोग सड़कों पर उतरेंगे। आज उन्होंने एक व्यक्ति का इस्तीफा मांगा है। कल वे अन्य व्यक्तियों का भी इस्तीफा मांगेंगे।’’

दीपके ने कहा, ‘‘कॉजपा विकसित भारत के लिए बाबासाहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित (जवाहरलाल) नेहरू की दृष्टि के अनुसार काम करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विचारधारा वही है जो भारत के संविधान की है।’’

नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों को लेकर पिछले महीने नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉजपा के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शन के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, हम इसे देशव्यापी मुद्दा बनाएंगे। हम शिक्षा में सुधार के लिए काम करेंगे। शिक्षा, स्कूली शिक्षा से ही वहनीय नहीं है। शिक्षा मुनाफा कमाने का कारोबार बन गयी है। लेकिन हम इसे बदलना चाहते हैं।’’

दीपके ने उल्लेख किया कि देश में 60 प्रतिशत लोग 35 साल से कम उम्र के हैं और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने वालों में भी ऐसे ही लोग शामिल थे। कॉजपा के संस्थापक ने यह भी कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता को फिर से बहाल करने की जरूरत है।

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