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कानपुर में ITBP जवानों ने घेरा पुलिस कमिश्नर का दफ्तर, साथी की मां का हाथ काटे जाने के मामले की जांच से थे नाराज

शनिवार की सुबह अचानक यूनिफॉर्म पहने और हथियार लिए आईटीबीपी के कई जवान पुलिस कमिश्नरेट के अंदर अलग-अलग जगहों पर तैनात हो गए, जिससे करीब एक घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा। खबर है कि बड़ी संख्या में हथियारबंद जवानों को देखकर पुलिस वाले भी पीछे हट गए।

कानपुर में ITBP जवानों ने घेरा पुलिस कमिश्नर का दफ्तर, साथी की मां का हाथ काटे जाने के मामले की जांच से थे नाराज
कानपुर में ITBP जवानों ने घेरा पुलिस कमिश्नर का दफ्तर, साथी की मां का हाथ काटे जाने के मामले की जांच से थे नाराज फोटोः सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक निजी अस्पताल की लापरवाही से आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का हाथ काटे जाने के मामले की जांच से नाराज 100 से ज्यादा जवानों ने शनिवार को अचानक पुलिस कमिश्नर कार्यालय को घेर लिया। आईटीबीपी कमांडेंट की पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मुलाकात और सही जांच का आश्वासन मिलने के बाद ही जवान वहां से रवाना हुए।

शनिवार की सुबह अचानक यूनिफॉर्म पहने और हथियार लिए आईटीबीपी के कई जवान पुलिस कमिश्नरेट के अंदर अलग-अलग जगहों पर तैनात हो गए, जिससे करीब एक घंटे तक तनाव का माहौल बना रहा। खबर है कि बड़ी संख्या में हथियारबंद जवानों को देखकर पुलिस वाले भी पीछे हट गए।

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यह विवाद आईटीबीपी कमांडो विकास सिंह की शिकायत से शुरू हुआ, जिनकी मां निर्मला देवी का दूसरी बीमारी का इलाज टाटमिल चौराहे के पास कृष्णा हॉस्पिटल में चल रहा था। लेकिन उनके हाथ में गंभीर इंफेक्शन हो गया, जिसे आखिरकार काटना पड़ा। विकास सिंह ने मां के हाथ कटने के मामले में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। लेकिन सीएमओ ने जांच में अस्पताल को क्लीन चिट दे दी।

जवान ने सीएमओ पर कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया है। जवान की कोई सुनवाई नहीं होने पर आईटीबीपी के करीब 100 जवानों ने सुबह 11:15 बजे पहुंच कर पुलिस कमिश्नर कार्यालय को घेर लिया। जवानों ने सीएमओ पर स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और दोबारा जांच की मांग की।

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आईटीबीपी के एक जवान के मां का हाथ काटे जाने के मामले पर आईटीबीपी कमांडेंट गौरव प्रसाद ने कहा, "मैंने जवान की मां का हाथ कटने के मामले में सीनियर अधिकारी से अपॉइंटमेंट लिया था। मैं यहां कमिश्नर से मिलने आया था, और आज मेरे अधिकारी और कर्मचारी भी यहां आए थे।"

आईटीबीपी के जवान का आरोप है कि कृष्णा हॉस्पिटल के डॉक्टरों की लापरवाही से उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। उन्होंने 13 मई की शाम को सांस की दिक्कत होने पर मां निर्मला देवी को नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। करीब 12 घंटे बाद 14 मई को उनकी मां के दाहिने हाथ में सूजन आ गई और वह काला पड़ गया। डॉक्टरों ने कहा कि धीरे-धीरे सूजन खत्म हो जाएगी।

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आईटीबीपी जवान विकास सिंह के मुताबिक उन्होंने साथी जवानों से बात की, तो उन्होंने मां को दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए कहा। उन्होंने मां को 14 मई की शाम को ही पारस हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया। वहां के डॉक्टरों ने हाथ में संक्रमण की जानकारी देते हुए हाथ काटने का निर्णय लिया। इसके बाद 17 मई को जवान की मां का हाथ काटना पड़ा।

जवान विकास सिंह के अनुसार, उन्होंने लगातार दो दिन तक रेलबाजार पुलिस, एसीपी कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आईटीबीपी जवान अपने कमांडेंट के नेतृत्व में मां का कटा हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय आ गए। पुलिस कमिश्नर, सीएमओ और सीनियर अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद मामला फिलहाल सुलझा लिया गया और सीएमओ को यह पता लगाने के लिए नई जांच करने का निर्देश दिया गया कि क्या मेडिकल लापरवाही हुई थी।

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पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ को दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। सीएमओ ने शुक्रवार को संभावनाओं के आधार पर रिपोर्ट जारी की थी, जिस पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि स्पष्ट रिपोर्ट दें, संभावनाओं पर नहीं। स्पष्ट दोष निर्धारित कर अभियोग पंजीकृत करने की अपनी संस्तुति दें।

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