
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी डैम जलाशय हादसे में क्रूज पर सवार लोगों और मृतकों की सही संख्या को लेकर अब भी भ्रम बना हुआ है। इस हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरे दुख और सदमे में डाल दिया है, वहीं प्रशासन और राज्य सरकार पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं और 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आशंका जताई है कि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के बीच मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। राज्य सरकार ने इस हादसे के बाद औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं और मध्य प्रदेश में इस तरह की सभी जल पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी है।
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यह क्रूज गुरुवार शाम जबलपुर के पास नर्मदा नदी पर स्थित बरगी जलाशय में खराब मौसम के कारण पलट गई थी। सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि हादसे के समय क्रूज में कुल कितने लोग सवार थे। राज्य पर्यटन विभाग और पर्यटन निगम की ओर से अभी तक आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज ने इस मामले को और उलझा दिया है।
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निगरानी कैमरों में करीब 43 लोग आसपास दिखाई दिए, जबकि आगे की जांच में यह संकेत मिले हैं कि क्रूज चलाने वालों को छोड़कर 36 से 37 लोग सवार हो सकते थे। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि कुछ यात्रियों को मुफ्त में सवारी कराई गई थी, जिससे क्रूज में सवार लोगों की सही सूची तैयार करना और मुश्किल हो गया है।
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इस हादसे के बाद अधिकार क्षेत्र और सुरक्षा नियमों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। 27,000 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन डूब क्षेत्र में आने और हजारों परिवारों के प्रभावित होने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि इस जलाशय का असली मालिक कौन सा विभाग है और खेती, बिजली और पेयजल के लिए बने इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों की अनुमति किसने दी।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जा रही है, जिसमें होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा महानिदेशक, राज्य सरकार के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि समिति तीन प्रमुख बिंदुओं पर काम करेगी-प्रारंभिक जांच, हादसे के कारणों की पड़ताल तथा घटना के समय नियमों के पालन की समीक्षा।मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा, “जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
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