
महिला आरक्षण समेत आज तीन अहम विधेयक लोकसभा में पेश किए जाएंगे। इन विधेयकों को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि महिला आरक्षण के नाम पर असल में परिसीमन (डिलिमिटेशन) का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके दूरगामी राजनीतिक असर होंगे।
Published: undefined
जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा कि लोकसभा में लाए जा रहे तीनों विधेयकों की “पैकेजिंग और मार्केटिंग” भले ही महिला आरक्षण के रूप में की जा रही हो, लेकिन उनका मूल उद्देश्य परिसीमन से जुड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रस्तावों के जरिए कुछ अधिक आबादी वाले राज्यों को फायदा पहुंचाया जा सकता है, जहां फिलहाल बीजेपी मजबूत स्थिति में है। इसके चलते कई राज्यों की लोकसभा में सापेक्ष ताकत घट सकती है।
Published: undefined
कांग्रेस नेता ने परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि असम और जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से सीमांकन किया गया, वह सरकार के काम करने के तरीके को दिखाता है।
उन्होंने इसे “शैतानी तरीके से किया गया काम” बताते हुए कहा कि इन विधेयकों का असली इरादा “शरारती, सामग्री भ्रामक और असर बेहद नुकसानदायक” है। उनके मुताबिक, मौजूदा स्वरूप में इन बिलों को पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।
Published: undefined
जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसकी मांग अलग है। उन्होंने कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित करने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि यही असली “पावर शेयरिंग” है, जो ज्यादा लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप है।
जयराम रमेश ने याद दिलाया कि 2023 में भी विपक्ष का यही रुख था और आज भी वही स्थिति बनी हुई है।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined