
बिहार चुनाव में नित नए राजनीतिक जोड़-तोड़ नजर आ रहे हैं। सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को करारा झटका लगा है। मुजफ्फरपुर में पार्टी के सभी स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। ये नेता और कार्यकर्ता मुजफ्फरपुर जिले की सकरा सीट से बाहरी उम्मीदवार अशोक कुमार चौधरी को टिकट दिए जाने के खिलाफ हैं। अशोक चौधरी पिछला चुनाव कांती सीट से निर्दलीय के तौर पर जीते थे।
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जेडीयू कार्यकर्ता इस बात से नाराज हैं कि पार्टी कार्यकर्ता लगातार मेहनत कर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जमीनी नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी उम्मीदवार अशोक चौधरी को टिकट दे दिया गया। चौधरी को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उसे अनसुना कर दिया। इसके कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।
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मुजफ्फरपुर में जेडीयू के जिलाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा का कहना है कि, “पार्टी नेतृत्व ने जेडीयू कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया है और बाहरी उम्मीदवार खड़ा किया है, इसी के खिलाफ सभी ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।” कुशवाहा ने आरोप लगाया कि चौधरी के पास पैसा और बाहुबल दोनों है, और शीर्ष नेतृत्व को बस यही दिख रहा है। उनके मुताबिक पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है।
कुशवाहा ने ऐलान किया कि अब इस सीट पर जेडीयू कार्यकर्ता स्थानीय और योग्य उम्मीदवार की मदद करेंगे और उसे चुनाव जिताएंगे और हर हाल में जेडीयू के हराकर रहेंगे। गौरतलब है कि बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए 28 अक्टूबर, 3 और 7 नवंबर को वोटिंग होनी है। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।
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