
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत पर बृहस्पतिवार को विधानसभा में अपने परंपरागत संबोधन के दौरान राज्य सरकार द्वारा तैयार भाषण के बजाय अपना खुद का भाषण पढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल संविधान द्वारा निर्धारित अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं।
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने सरकार द्वारा तैयार पूरा भाषण नहीं पढ़कर संविधान का उल्लंघन किया है और वह केंद्र सरकार के हाथों की ‘‘कठपुतली’’ की तरह काम कर रहे हैं।
Published: undefined
गहलोत ने बृहस्पतिवार को यहां राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र में अपना परंपरागत संबोधन केवल दो शुरुआती पंक्तियां पढ़कर समाप्त कर दिया जिसे लेकर मुख्यमंत्री ने उनकी आलोचना की।
सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हर नए साल में राज्यपाल को संयुक्त सत्र को संबोधित करना होता है और उन्हें राज्य मंत्रिमंडल द्वारा तैयार भाषण पढ़ना होता है। यह संवैधानिक है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 176 और अनुच्छेद 163 में कहा गया है कि राज्यपाल सरकार या मंत्रिमंडल द्वारा तैयार किया गया भाषण पढ़ेंगे।’’
Published: undefined
उन्होंने कहा, ‘‘आज उन्होंने मंत्रिमंडल द्वारा तैयार भाषण पढ़ने के बजाय स्वयं का तैयार किया हुआ भाषण दिया। यह भारतीय संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध है। यह संविधान के अनुच्छेद 176 और 163 का स्पष्ट उल्लंघन है इसलिए यह राज्यपाल का भाषण नहीं माना जा सकता। उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया। उन्होंने भारतीय संविधान द्वारा निर्धारित अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसलिए हम राज्यपाल के इस रुख का विरोध करेंगे। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाए या नहीं। हम आपको सूचित करेंगे।’’
Published: undefined
गहलोत ने राज्य विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से बुधवार को इनकार कर दिया था। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को केंद्र द्वारा ‘‘निरस्त’’ किए जाने संबंधी कुछ संदर्भों पर आपत्ति जताई थी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण में मनरेगा को रद्द करने और निधियों के हस्तांतरण से संबंधित मुद्दों पर कुल 11 पैराग्राफ हैं, जिनसे राज्यपाल नाराज हैं और वे इन्हें हटवाना चाहते हैं।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined