
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर PM मोदी पर पलटवार किया। खड़गे ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर बैन लगा देना चाहिए।
खड़गे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए यही संगठन जिम्मेदार है।
खड़गे ने कहा कि आज का दिन जहां बहुत महत्वपूर्ण है, वहीं दुखद भी है। हम एक तरफ सरदार पटेल जी की जयंती मना रहे हैं, वहीं दुखद है कि आज इंदिरा गांधी जी का शहादत दिवस है। इन दोनों हस्तियों ने देश के लिए बहुत काम किया है। एक 'लौहपुरुष' हैं और एक 'आयरन लेडी'। जहां सरदार पटेल जी ने देश को एक रखने का काम किया था, वहीं इंदिरा गांधी जी ने देश की एकता बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। ये कांग्रेस का इतिहास है- देश के लिए कांग्रेस का योगदान है।
खड़गे ने आगे का कि जो लोग देश के लिए मर-मिटे हैं, उनकी ही पार्टी पर कुछ लोग बहुत टिप्पणियां करते हैं। ये समझ से परे है। लेकिन मैं आपको सरदार पटेल जी की बात याद दिलाना चाहता हूं। सरदार पटेल जी ने 4 फरवरी 1948 में एक पत्र में लिखा था- गांधी जी की मृत्यु पर RSS ने जो हर्ष प्रकट किया और मिठाई बांटी, उससे ये विरोध और भी बढ़ गया। इन हालातों में सरकार के पास RSS के खिलाफ कदम उठाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को ये पत्र लिखते हुए उन्होंने कहा- रिपोर्ट से सिद्ध होता है कि RSS और हिंदू महासभा की गतिविधियों के कारण देश में जिस वातावरण का निर्माण हुआ, उसी से गांधी जी की हत्या हुई।
खड़गे ने कहा कि जिन लोगों ने गांधी जी की हत्या की थी, आज उन्हीं के लोग कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी सरदार पटेल को याद नहीं करती। सरदार वल्लभभाई पटेल देश को एक करने वाले नेता हैं। उन्होंने संविधान सभा में Fundamental rights से जुड़े अपने विचार रखे और संविधान में जगह बना कर दी। सरदार पटेल कहते थे कि संघ के भाषण सांप्रदायिकता से भरे हैं। संघ के कारण ही गांधी जी की हत्या हुई थी। BJP-RSS हमेशा देश के लिए घातक रही है, वहीं कांग्रेस हमेशा देश की भलाई के बारे में सोचती है।
खड़गे ने कहा कि हाल ही में NCERT की तीन किताबों में से गांधी जी, गोडसे, RSS और 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े टॉपिक हटा दिए गए हैं। BJP सरकार सच्चाई को छिपाना चाहती है, जो बहुत बुरी बात है। मोदी सरकार हमेशा झूठ को सच बनाने की कोशिश में लगी रहती है, जिससे उनकी मंशा समझ में आती है।
खड़गे ने कहा कि सरदार पटेल ने लोकतांत्रिक विचारों की नींव डाली थी। पहले के समय लोग नौकरशाही में रहते हुए RSS की विचारधारा फैलाते थे। ऐसे में राजनीतिक संगठनों जैसे RSS और जमाते इस्लामी के साथ सरकारी कर्मचारियों के साथ जुड़ाव पर रोक लगाई गई थी। लेकिन, 9 जुलाई 2024 को मोदी सरकार ने इस बैन को हटा लिया, जिससे सरकारी कर्मचारियों को RSS और उसकी गतिविधियों से जुड़ने की अनुमति मिल गई है। गांधी जी की हत्या के पीछे जिस संस्था के लोगों का हाथ था, जिसे सरदार पटेल ने बैन किया था- BJP ने उसी संस्था के साथ सरकारी कर्मचारियों को जुड़ने की छूट दे दी है।
खड़गे ने कहा कि BJP के नेता हमेशा कहते हैं कि नेहरू जी और सरदार पटेल जी में मतभेद था। जबकि नेहरू जी ने खुद सरदार पटेल जी को 'भारत की एकता के शिल्पी' बताया था। वहीं पटेल जी ने नेहरू जी को 'देश के आदर्श और जनता के नेता' कहा था। सरदार पटेल जी ने कहा था "पिछले दो कठिन वर्षों में नेहरू जी ने देश के लिए जो अथक परिश्रम किया है, वो मुझसे अधिक अच्छी तरह कोई नहीं जानता है। देश के आदर्श, जनता के नेता, राष्ट्र के प्रधानमंत्री और सबके लाडले जवाहरलाल के महान कृतित्व का भव्य इतिहास सबके सामने खुली किताब है।"
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