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राज्यसभा में खड़गे बोले- SIR के नाम पर हर जगह हो रही है धोखाधड़ी

मतदाता सूची को सही करने के लिए देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। एसआईआर को लेकर विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग को घेर रही हैं।

फोटो: IANS
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को राज्यसभा में एसआईआर को लेकर चौंकाने वाली बातें कहीं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर हर जगह धोखाधड़ी हो रही है। यह सबसे बुरा है और सारी कवायद चुनाव जीतने के लिए हो रही है। इस तरह की कवायद बंगाल में हो रही है,  तमिलनाडु और कर्नाटक में हो रही है। हर जगह और हर राज्य में धोखाधड़ी ही धोखाधड़ी है। 

मतदाता सूची को सही करने के लिए देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। एसआईआर को लेकर विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग को घेर रही हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 मार्च को आरोप लगाया कि राज्य में कराई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के जरिए मतदाता सूची में बदलाव का मकसद आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाना है। ममता बनर्जी ने धरना स्थल से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी को चुनाव आयोग का समर्थन भी मिल जाए, तो भी वह चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अपने अधिकार छीनने वालों को करारा जवाब देगी।

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तमिलनाडु में 23 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद विशेष मतदाता पुनर्निरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची आधिकारिक तौर पर जारी की गई थी। तमिलनाडु में हुए एसआईआर में बड़े पैमाने पर नाम काटे गए थे। तमिलनाडु में एसआईआर के बाद 97 लाख से ज्यादा नाम मतदाता सूची से काटे गए। बड़े पैमाने पर नामों को हटाए जाने के बाद तमिलनाडु में मतदाताओं की कुल संख्या अब 5.43 करोड़ हो गई है।

कर्नाटक में एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूरी तरह सतर्क रहने का आह्वान किया था। पार्टी ने कहा था कि यह प्रक्रिया उसके भविष्य को तय करने वाली साबित होगी। उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने कहा था कि राज्य में मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया नजदीक है और अधिकारी इसका काम शुरू कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) के मामले में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यही प्रक्रिया पार्टी का भविष्य तय करेगी।

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