
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलकर प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम करने पर शुक्रवार को बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनका कोई इतिहास ही नहीं है, वे दूसरों के इतिहास को मिटाने चले हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की बौनी सोच भारत के प्रति 'हिन्द के जवाहर' के विशालकाय योगदान को कम नहीं कर सकती।
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मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक ट्वीट में कहा कि नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का नाम बदलने के कुत्सित प्रयास से, आधुनिक भारत के शिल्पकार और लोकतंत्र के निर्भीक प्रहरी, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की शख्सियत को कम नहीं किया जा सकता। इससे केवल बीजेपी-आरएसएस की ओछी मानसिकता और तानाशाही रवैये का परिचय मिलता है। मोदी सरकार की बौनी सोच, भारत के प्रति 'हिन्द के जवाहर' के विशालकाय योगदान कम नहीं कर सकती।
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कांग्रेस अध्यक्ष की यह टिप्पणी गुरुवार को नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसायटी की एक विशेष बैठक में उसका नाम बदलने का निर्णय लिए जाने के एक दिन बाद आई है। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जो सोसायटी के उपाध्यक्ष हैं। सोसायटी के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, और इसके 29 सदस्यों में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, जी. किशन रेड्डी, अनुराग ठाकुर शामिल हैं।
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नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी संग्रहालय का उद्घाटन पिछले साल अप्रैल में तीन मूर्ति परिसर में किया गया था, जो 1948 से 1964 में उनकी मृत्यु तक देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास था। इसीलिए इसका नामकरण उनके नाम पर किया गया था, जिसे अब मोदी सरकार ने बदलने का फैसला किया है।
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