कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना।
खड़गे ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी मोदी सरकार की कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
अंकिता के माता-पिता दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस कथित ‘‘वीआईपी’’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, कथीत तौर पर वह गौतम हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। खड़गे ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी मोदी सरकार की कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
कांग्रेस के राज्यसभा सासंद खड़गे ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि न्याय की गुहार लगाने वाले अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिया गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े एक ‘वीआईपी’ को राज्यपाल का पद दिया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि यह ‘‘दमन’’ सरकार की ताकत नहीं, बल्कि सवालों से भागने का प्रमाण है। खड़गे ने कहा, ‘‘एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
अंकिता के माता-पिता को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे।
उनका आरोप है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस कथित ‘‘वीआईपी’’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वह गौतम हैं। 18 सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम बीजेपी की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे।
इस हत्या मामले को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दल बीजेपी और उत्तराखंड सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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