
कृषि कानूनों के खिलाफ गाज़ीपुर बाॅर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने नए साल की पूर्व संध्या पर कैंडल लाइट मार्च निकाला।
आज सलमान खुर्शीद दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाब से आए कांग्रेस नेताओं से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया, "सरकार के पास किसानों के हित के लिए योजना है तो वह बात करे, किसानों से बात न करने का मतलब है कि किसानों के हित के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है।"
राजस्थान-हरियाणा के शाहजहांपुर बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हरियाणा में प्रवेश कर लिया। दर्जन भर से ज्यादा ट्रैक्टर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की तरफ रवाना हो गए हैं। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं।
राजस्थान-हरियाणा के शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की है। एक दर्जन ट्रैक्टर पर सवार किसानों ने हरियाणा पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हरियाणा में प्रवेश कर लिया। दर्जन भर से ज्यादा ट्रैक्टर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली की तरफ रवाना हो गए हैं। इस दौरान पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “किसान हमारे भाई हैं। दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने उन्हें उकसाया है, जिससे यह आंदोलन शुरू हुआ। अब केंद्र सरकार और किसानों के प्रतिनिधि इसका रास्ता निकाल रहे हैं। कुछ बातें कल मान ली गई हैं और बाकी बातों की चर्चा 4 जनवरी को होगी। इसका समाधान हो इसकी मैं आशा करता हूं।”
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने आज दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाब से आए कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने बताया, "सरकार के पास किसानों के हित के लिए योजना है तो वह बात करे, किसानों से बात न करने का मतलब है कि किसानों के हित के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है।"
केरल विधानसभा में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने पर फरीदकोट के जिला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने कहा, “केरल सरकार ने अच्छा किया है, क्योंकि यह कानून किसानों के हित में नहीं है, इस बात को केंद्र को भी समझना चाहिए और 4 जनवरी को होने वाली बैठक में कानून को रद्द कर देना चाहिए।”
उत्तराखंड में बार एसोसिएशन काशीपुर के अध्यक्ष इंदर सिंह ने किसानों को मुफ्त कानूनी मदद देने के लिए 12 वकीलों के पैनल की घोषणा की है। किसान आंदोलन के दौरान जिन किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं यह पैनल उनका मुकदमा मुफ्त में लड़ेगा।
किसान संगठनों और सरकार के बीच अभी भी कृषि कानूनों और एमएसपी पर बात नहीं बनी है। ऐसे में शुक्रवार को सिंधु बॉर्डर पर 80 किसान संगठनों की बैठक होगी। बैठक में तय किया जाएगा कि चार जनवरी को होने वाली अगले दौर की बैठक में किसानों का एजेंडा क्या होगा।
किसान आंदोलन के बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है।एडवाइजरी के मुताबिक, सिंधु, औचंदी, प्याऊ मनियारी, सबोली और मंगेश बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। इन रास्तों पर आने वाले लोगों को लामपुर, साफियाबाद, पल्ला और सिंधु स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर वाले रूट लेने की सलाह दी गई है। मुकरबा और जीटीके रोड के ट्रैफिक को भी डायवर्ट कर दिया गया है। लोगों को आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच 44 रूट पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर को भी बंद है। इस रूट पर आने वाले लोगों को आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा, भोपरा और लोनी बॉर्डर के जरिए जाने की सलाह दी गई है।
केरल विधानसभा में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि किसानों की वास्तविक चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए।
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Published: 31 Dec 2020, 11:45 AM IST