
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी और बीजेपी सरकार में पूर्व मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 2021 के इस मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत की शर्तों में और ढील देने से इनकार कर दिया।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने आशीष मिश्रा की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी जमानत की शर्तों में और राहत देने का अनुरोध किया था।
मिश्रा के वकील ने अदालत से कहा कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण वह अपनी बेटियों के जन्मदिन जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘फिलहाल इस अनुरोध पर विचार करने का कोई आधार नहीं है। आवेदन खारिज किया जाता है।’’
यह हिंसा तीन अक्टूबर, 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया गांव में उस समय हुई थी, जब किसान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
इस घटना में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हुई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि चार किसानों को एक एसयूवी से कुचल दिया गया था। इसके बाद भड़की हिंसा में वाहन चालक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की भी जान चली गई थी।
आशीष मिश्रा इस मामले में मुकदमे का सामना कर रहे आरोपियों में शामिल हैं।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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