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कालका-शिमला रेल मार्ग पर भारी भूस्खलन: फंसी ट्रेन से 391 यात्रियों और 40 रेल कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया

कालका-शिमला मार्ग पर पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ। 391 यात्रियों और 40 ट्रेन कर्मचारियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से शनिवार रात कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच रेल पटरी का एक हिस्सा कमजोर हो गया था।

कालका-शिमला रेल मार्ग पर भूस्खलन
कालका-शिमला रेल मार्ग पर भूस्खलन 

उत्तर रेलवे ने रविवार को बताया कि कालका-शिमला मार्ग पर पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से रेल परिचालन प्रभावित हुआ और पुल का एक हिस्सा खराब होने के बाद कम से कम 391 यात्रियों और 40 ट्रेन कर्मचारियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से शनिवार रात कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच रेल पटरी का एक हिस्सा कमजोर हो गया था।

रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "शिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर खंड में कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच पुल संख्या 57 पर कल हुए भूस्खलन के बाद उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने तुरंत और सुचारू बचाव अभियान चलाया, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।" इस घटना के बाद आने वाली चार ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया।

रेलवे ने बताया कि सोलन, कोटी और धरमपुर से पांच बसों और दो टेंपो ट्रैवलर के जरिए 400 से अधिक यात्रियों और ट्रेन कर्मचारियों को निकाला गया।

बयान में कहा गया है कि स्थानीय यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेज दिया गया, जबकि करीब 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में बिठाया गया, जो विशेष रूप से रात 1:30 बजे के लिए दोबारा निर्धारित की गई थी।

रेलवे ने कहा, "उत्तर रेलवे के कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई, बेहतर व्यवस्था और यात्रियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के कारण पूरा अभियान सुचारू रूप से पूरा हुआ। कालका स्टेशन पर किसी भी यात्री ने शिकायत या रिफंड की मांग दर्ज नहीं कराई।"