
साल 2013 में पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में मारे गए सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का डीएनए टेस्ट हो सकता है। खबरों के मुताबिक पंजाब सरकार ने गृह विभाग को मिली कुछ शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए डीजीपी को एक मेमो भेजा है। विभाग ने मेमो के साथ उन 13 लोगों की शिकायतें भी डीजीपी को भेजी हैं जिन्होंने दलबीर कौर पर सरबजीत सिंह की असली बहन नहीं होने के आरोप लगाए हैं।
इनमें महाराष्ट्र के लातूर की संस्था अखिल भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रदीप पाटिल की भी शिकायत है, जिन्होंने अपनी शिकायत में डीएनए टेस्ट की मांग की है। अब गृह विभाग द्वारा डीजीपी को मेमो के साथ शिकायत भेजकर जांच के निर्देश देने से इस बात के संकेत मिले हैं कि सच्चाई का पता लगाने के लिए दलबीर कौर की डीएनए जांच हो सकती है। मेमो में इस बात के भी निर्देश हैं कि इन शिकायतों का निपटारा कर शिकायतकर्ताओं को इसकी जानकारी दी जाए।
प्रदीप पाटिल ने भी मीडिया से बातचीत में माना है कि उन्होंने कुछ साल पहले पंजाब सरकार से शिकायत करते हुए कहा था कि बीबी दलबीर कौर सरबजीत सिंह की असली बहन हैं या नहीं, इसका पता लगाने के लिए उनका डीएनए टेस्ट कराया जाए। इस मामले पर दलबीर कौर ने मामले के अदालत में होने का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
बता दें कि दलबीर कौर 25 दिसंबर 2016 को औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हुई थीं। हाल ही में उन्होंने हरियाणा से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी से टिकट मांगा था। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया था कि दलबीर कौर सिरसा से चुनाव लड़ना चाहती हैं। वहीं दलबीर कौर ने कहा था कि उन्होंने हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला सहित कई बीजेपी नेताओं से मुलाकात की है।
गौरतलब है कि 49 वर्षीय सरबजीत सिंह की 2013 में लाहौर के कोट लखपत जेल में साथी कैदियों के हमले में घायल होने के बाद अस्पताल में मौत हो गई थी। पंजाब के सीमावर्ती जिले तरणतारण के भिखीविंड के रहने वाले सरबजीत सिंह धोखे से पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गया था, जहां उसे वहां की सेना ने पकड़ लिया था और उसे लाहौर धमाके का आरोपी बनाकर जेल में डाल दिया। सरबजीत की बेगुनाही की काफी कोशिशें हुईं, लेकिन एक न सुनी गई।
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