
देश में सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए गुरुवार शाम 5:30 बजे मतदान संपन्न हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त दिनेश वाघमारे के मुताबिक अब तक 46 से 50 प्रतिशत तक मतदान हुआ है। मतों की गिनती शुक्रवार को पूर्वाह्न 10 बजे शुरू होगी। अंतिम परिणाम शाम चार बजे तक आने की उम्मीद है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बताया कि मतदान प्रतिशत 2017 के महानगरपालिका चुनावों के आंकड़ों से अधिक है। उन्होंने कहा कि वह मतदान प्रतिशत से संतुष्ट हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में अपराह्न 3.30 बजे तक 41.13 प्रतिशत मतदान हुआ था।
आंकड़ों के मुताबिक अपराह्न 3:30 बजे तक सबसे अधिक 50.85 प्रतिशत मतदान कोल्हापुर में हुआ। वहीं, शुरुआती आठ घंटे में मुंबई के एक करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओंं वाले बीएमसी के लिए 41.08 प्रतिशत, पुणे में 36.95 प्रतिशत, नागपुर में 41.23 प्रतिशत, छत्रपति संभाजीनगर में 43.67 प्रतिशत और नासिक में 39.64 प्रतिशत मतदान हुआ था।
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हालांकि, कई अनियमितताओं के आरोपों के कारण राज्य का महानगरपालिका चुनाव विवादों में आ गया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में अनियमितता का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की ‘‘हत्या’’ का प्रयास करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नगर निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं के आरोप में राज्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने की भी मांग की। ठाकरे ने राज्य चुनाव आयोग को संविधान विरोधी संस्था करार दिया। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया और राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को निलंबित करने की मांग की।
उद्धव ठाकरे ने कहा, कई जगहें हैं जहां से शिकायतें आ रही हैं। कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। पहली बार हम देख रहे हैं कि लगाई गई स्याही को अब साफ किया जा सकता है।ठाकरे ने कहा कि ये लोग यह सब गड़बड़ कर रहे हैं, और इसीलिए मैंने कहा, चुनाव आयोग या कमिश्नर क्या करते हैं? पुरानी ईवीएम मशीनें लगाई गई हैं। इन लोगों में सत्ता पाने का इतना लालच है। मैंने ऐसी बेशर्म सरकार कभी नहीं देखी। अब हम विरोध करेंगे, सभी लोग विरोध करेंगे उद्धव ठाकरे ने कहा कि इसीलिए वे वन नेशन वन इलेक्शन चाहते हैं, ताकि वे पूरे देश में एक ही समय में धोखाधड़ी और गड़बड़ी कर सकें, और पूरे देश पर कब्ज़ा कर सकें... तो, यह सब लोकतंत्र की सरेआम हत्या है।
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वहीं बीएमसी चुनावों के लिए मतदान शुरू होते ही सोशल मीडिया पर आम मतदाताओं, कई नेताओं और मीडियाकर्मियों के ऐसे कई वीडियो सामने आये, जिनमें वे मतदान के बाद अपनी उंगलियों पर लगी ‘पक्की’ स्याही को एसीटोन से मिटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एसीटोन का इस्तेमाल आमतौर पर नेल पॉलिश हटाने के लिए किया जाता है।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने अपने पार्टी सहयोगी का एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह अपनी उंगली में लगी स्याही मिटाने के लिए एसीटोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘क्या बीएमसी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है? सुबह से हमें कई शिकायतें मिल रही हैं कि मताधिकार का निशान दिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है। मेरे सहयोगी और उनकी पत्नी यहां दिखा रहे हैं कि इस स्याही को एसीटोन या ‘नेल पॉलिश रिमूवर’ से कितनी आसानी से मिटाया जा सकता है।’’
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इन आरोपों पर महाराष्ट्र के राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि बीएमसी चुनाव में मतदान के दौरान उंगलियों पर लगाई गई स्याही लोगों द्वारा मिटाये जाने के वायरल वीडियो की जांच चल रही है और झूठा विमर्श फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वाघमारे ने कहा कि 'पक्की' स्याही को सूखने में समय लगता है और इसे मिटाना नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि कोरेस कंपनी की मार्कर स्याही 2011 से इस्तेमाल की जा रही है। स्याही की रासायनिक संरचना भी सही है। उन्होंने कहा, ‘‘मार्कर स्याही मिटाने के वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और झूठा विमर्श फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।’’
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वहीं छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम के लिए गुरुवार को हो रहे चुनाव के दौरान पूर्व सांसद दिवंगत मोरेश्वर सावे का नाम मतदाता सूची में मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खड़केश्वर मतदान केंद्र की सूची संख्या 270 में उनका नाम दर्ज है। सावे का निधन 16 जुलाई 2015 को हो गया था। सावे शिवसेना के वरिष्ठ नेता थे और वह 1989 से 1996 के बीच दो बार सांसद भी रहे। वह महाराष्ट्र के वर्तमान अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी नेता अतुल सावे के पिता थे। इस संबंध में मंत्री सावे से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
पुणे महानगर पालिका में मतदान के शुरुआती चरण में गुरुवार सुबह ईवीएम में छिटपुट गड़बड़ियां सामने आईं हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया के अनुसार तुरंत नई ईवीएम मशीनें लगा दी गईं। एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिकाओं में मतदान शुरू होने के दौरान ही कुछ ईवीएम मशीनों के बंद होने की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मशीनों में 15 मिनट तक का समय अंतराल दिखा। पुणे महानगर पालिका के 41 वार्ड में 165 सीट हैं।
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पवार ने कहा, ‘‘कुछ स्थानों पर तीसरे उम्मीदवार को वोट डालने के बाद भी बत्ती टिमटिमा रही थी जबकि कुछ मामलों में चारों वोट डालने के बावजूद अनिवार्य बत्ती नहीं जली। ये सभी बातें संदेह पैदा करती हैं। राज्य निर्वाचन आयोग को स्पष्टीकरण देना चाहिए और ईवीएम से संबंधित गड़बड़ी को दूर करना चाहिए ताकि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।’’
महानगर पालिका के अतिरिक्त आयुक्त और चुनाव प्रभारी ओमप्रकाश दिवते ने बताया कि मतदान शुरू होने के तुरंत बाद 15 से 20 ईवीएम में खराबी आ गई। उन्होंने कहा, “हालांकि क्षेत्रीय निर्वाचन अधिकारियों के पास रखी वैकल्पिक मशीनों को तुरंत लगा दिया गया और उन वार्डों में मतदान बिना किसी बाधा के जारी रहा।” दिवते ने यह भी कहा कि उन्हें रसायनों का उपयोग कर पक्की स्याही को मिटाने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
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