
झारखंड के धनबाद के कतरास-जोगता थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह भू-धंसान की भीषण घटना हुई है। सिजुआ कोलियरी क्षेत्र के 10 नंबर तीन पाटिया में अचानक जमीन धंसने से पांच-छह मकान जमींदोज हो गए। हादसे में दो बच्चों समेत चार-पांच लोग घायल हो गए। घायलों में एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का इलाज कतरास के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिजुआ काली मंदिर के पास सुबह अचानक जमीन धंसने लगी। देखते ही देखते आसपास की जमीन में गहरी और चौड़ी दरारें पड़ गईं और कई मकान इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। घरों में मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
भू-धंसान के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जमीन में लगातार बढ़ रही दरारों को देखते हुए आसपास रहने वाले कई परिवार घरों से बाहर निकल आए हैं। लोगों को आशंका है कि यदि भू-धंसान का दायरा बढ़ा तो आसपास के और मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लगातार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन लोगों की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रदर्शनकारी तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, उचित मुआवजा देने और स्थायी पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भू-धंसान के लिए बीसीसीएल क्षेत्र में कथित अवैध कोयला खनन और भूमिगत गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है।
हालांकि, भू-धंसान के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सड़क जाम और प्रदर्शन के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारियों से ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तथा प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। कोयलांचल में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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